‘गुजरात में सभी मस्जिदों पर लगे हुए ध्वनि-विस्तारक यंत्र बंद कर दिए जाएंगे !’ यह चेतावनी के बाद सूचना पत्र वापस
बनासकांठा (गुजरात) स्थित शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर की हवन शाला पर लगे ध्वनि-विस्तारक यंत्र हटाने के संबंध में प्रशासन का नोटिस !
बनासकांठा (गुजरात) स्थित शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर की हवन शाला पर लगे ध्वनि-विस्तारक यंत्र हटाने के संबंध में प्रशासन का नोटिस !
रक्षा जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, अल-हुसैनी नाव में चालक दल के छह सदस्य थे । इस मुहीम को भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते ने संयुक्त रूप से संपन्न किया । नाव को आगे की जांच के लिए गुजरात के कच्छ जिले के जाखाऊ में तट पर लाया गया है ।
जीवन और यौन क्षमता को बढाने वाली चीनी दवा बनाने के लिए, गधे की चमडी का उपयोग होना !
वर्तमान में बांग्लादेश के प्रत्येक नागरिक पर २० सहस्र रुपए का ऋण है । चीन एवं पाकिस्तान की तुलना में यह बहुत अल्प है । भारत में, प्रति व्यक्ति पर विदेशी कर्ज ३२ सहस्र रुपए है ।
भोपाल, २० दिसंबर – आरिणी शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक परिषद का अध्यात्म, भजन संध्या एवं संस्कृति हितैषी सम्मान समारोह कार्यक्रम यहां के योग केंद्र, पत्रकार कॉलोनी में संपन्न हुआ । कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम भारती ने की एवं मुख्य अतिथि ज्योतिषाचार्य आचार्य निलिम्प त्रिपाठी थे ।
क्या पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जानबूझ कर ऐसी घटनाएं की जा रही हैं ? केंद्र सरकार को उसकी खोज करनी चाहिए !
ध्यान दें कि, अन्यथा भारत की निंदा करने वाले खालिस्तानी, पाकिस्तान में हुए इस कृत्य के विरोध में एक शब्द भी नहीं निकाल रहे हैं । क्या इसका अर्थ यह है कि, ‘खालिस्तानियों को, जिहादी पाक से, सिख संप्रदाय के प्रति द्वेष स्वीकृत है ?’
उन्होंने यह भविष्यवाणी की है कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष अर्थात वर्ष २०२२ में होनेवाले विधानसभा चुनाव में विद्यमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बडी सहजता से विजयी होंगे । उनके अनुसार वर्ष २०३०-३१ में विश्वयुद्ध होगा और तब योगी आदित्यनाथ भारत का नेतृत्व करेंगे ।
१२ ज्योतिर्लिंगों में से एक आंध्रप्रदेश का मल्लिकार्जुन मंदिर का प्रकरण
आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय का आदेश रहित
पाक में ईशनिंदा करने वाले को भीड मारकर जिंदा जलाती है, तो पंजाब में धार्मिक स्थल का अपमान करने वाले को भीड जान से मारती है । दूसरी ओर हिन्दू उनकी धार्मिक बातों के अपमान के विषय में वैधानिक मार्ग से कुछ तो, और वो भी कभी कभी ही कुछ कृति करने का प्रयास करती है !