उदय माहूरकर द्वारा लिखित पुस्तक ‘वीर सावरकर- द मैन हू कुड हैव प्रिव्हेंटेड पार्टिशन’ का विमोचन सरसंघचालक मोहन भागवत के करकमलों से होगा !

उदय माहूरकर केंद्रीय सूचना आयोग के आयुक्त, वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं ।

‘मान्यवर’ ब्रांड (प्रसिद्ध प्रतिष्ठान) को हिन्दुओं से क्षमायाचना कर विज्ञापन वापस लेना चाहिए ! – हिन्दू जनजागृति समिति

हिन्दू धर्म में ‘कन्यादान’ यह विधि ‘कन्यामान’ ही है !
क्षमायाचना करने तक ‘हिन्दू समाज ने ‘मान्यवर ब्रांड’ का बहिष्कार करने का आवाहन’

धर्म की रक्षा एवं पाखंड के खंडन के रूप में हिन्दू विरोधी विचारधारा का वैचारिक प्रतिरोध करना आवश्यक है ! – सद्गुरु डॉ चारुदत्त पिंगळे, राष्ट्रीय मार्गदर्शक, हिन्दू जनजागृति समिति

‘हिन्दुत्व का वैश्विक स्तर पर समूल उच्चाटन’ परिषद के विरुद्ध ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र सम्मेलन’ की ओर से ऑनलाइन ‘हिन्दुत्व संरक्षण बैठक’ !

‘इग्नू’ में ज्योतिष पाठ्यक्रम के विरोध की पृष्ठभूमि पर हिन्दू जनजागृति समिति ने की राज्यपाल से भेंट !

ज्योतिषशास्त्र पूरे विश्व में पढाया जाता है । न्यायालय द्वारा ज्योतिषशास्त्र की सत्यता स्वीकारी जाने पर कौन उसका विरोध कर सकता है ? आप अपना कार्य आरंभ रखिए ।

विश्व के १३ देश, भारत के २३ राज्य और ४०० शहर एवं गांवों के हिन्दुओं का आंदोलन में सहभाग : २५० स्थानों से सरकार को निवेदन !

वैश्विक स्तर पर हिन्दूद्वेष फैलाने के इस व्यापक षड्यंत्र को देखते हुए, ‘डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व’ कार्यक्रम का भारत सरकार विरोध करे, साथ ही कार्यक्रम में सहभागी भारतीय वक्ताओं पर कार्यवाही हो, इस मांग हेतु पूरे विश्व के हिन्दुओं ने आंदोलन किया ।

पुणे की श्रीमती उषा कुलकर्णी (आयु ७९ वर्ष) सनातन की ११० वीं तथा श्री. गजानन साठे (आयु ७८ वर्ष) १११ वें संत घोषित !

वृद्ध होते हुए भी अकेले ही रोग में सभी स्थिति संभालनेवाली, जिनका अखंड भाव रहता है कि ‘गुरुदेव साथ में हैं’ एवं स्थिरता जिनका स्थायीभाव है, ऐसी श्रीमती उषा कुलकर्णीजी को सनातन की ११० वीं व्यष्टि संत घोषित किया गया ।

‘रावण लीला’ चलचित्र के निर्माताओं को मानहानि का नोटीस; बिना शर्त क्षमा मांगने की मांग !

हिन्दुओं की धर्मभावना आहते करनेवाले इस चलचित्र (फिल्म) के निर्माता, निर्देशक, कलाकार इत्यादि पर कठोर कार्यवाही की जाएं तथा ऐसे चलचित्र बनाने में कौन पैसा व्यय कर रहा है, यह सत्य हिन्दुओं के सामने लाना आवश्यक है !

(कहती हैं) ‘हिन्दुत्वनिष्ठों को समाज में दूरी उत्पन्न कर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करनी है !’ – डॉ. दीपा सुंदरम्, डेन्वर विश्वविद्यालय, अमेरिका

हिन्दूविरोधी अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन परिषद का तीसरा दिन !

कोरोना की तीसरी लहर की आनेवाला संभावना अल्प !

भारतीय चिकित्सकीय शोध परिषध के (आई.सी.एम.आर. के) पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर का दावा !

(कहते हैं) ‘हिंदू भक्तों द्वारा दी जाती है हत्या और बलात्कार की धमकी !’

यदि ऐसी धमकियां दी जाती हैं, तो अपने आप को प्रगतिशील कहनेवाले, संबंधित अधिकारियों से उनके विरुद्ध शिकायत क्यों नहीं करते ? या किसी ने धमकी दी है, तो उसका नाम क्यों नहीं बताते ! ध्यान दें, कि इस तरह के वक्तव्य हिन्दुओं को केवल कलंकित करने के लिए दिए जा रहे हैं !