सीआरपीएफ के सैनिक द्वारा साथी सैनिकों पर की गई गोलीबारी में ४ की मृत्यु तथा ३ चोटग्रस्त !

गोलीबारी करने वाले सैनिक का मानसिक रोग से ग्रस्त होने का दावा !

अंबिकापुर (छत्तीसगढ) में हिन्दुओं के धर्मांतरण का प्रयास हिन्दू संगठनों ने विफल कर दिया !

देश में कोई धर्मांतरण विरोधी कानून नहीं है, इसलिए ईसाई मिशनरी अभी भी हिन्दुओं का धर्मांतरण करते हैं । सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए तथा शीघ्रातिशीघ्र धर्मांतरण विरोधी कानून बनाना चाहिए !

कांकेर (छत्तीसगढ़) में सेंट जोसेफ स्कूल में हिन्दू छात्र को चोटी काटने के लिए कहने के कारण हिन्दुओं का विरोध

प्रशासन को ऐसे विद्यालयों से ईसाई मिशनरियों निरस्त कर विद्यालय अपने नियंत्रण में ले लेना चाहिए। ध्यान दें कि हिन्दू मंदिरों का सरकारीकरण करने की पहल करने वाले शासक इस बारे में चुप हैं !

धर्मांधों द्वारा हटाए गए ध्वज को हिन्दुओं ने पुनः उसी स्थान पर फहराया !

धर्मांधों द्वारा हटाए गए भगवा ध्वज को संगठित होकर पुनः उसी स्थान पर फहरानेवाले हिन्दुओं का अभिनंदन !

छत्तीसगढ में पादरी ने विधवा पर किया २ वर्षों तक बलात्कार !

ध्यान दें, कि हिन्दू संतों के विरुद्ध तथाकथित आरोपों के कारण, अनेक दिनों तक ‘मीडिया ट्रायल’ करने वाले प्रसार माध्यम, ईसाई पादरियों की आपराधिक गतिविधियों पर मात्र पर्दा डाल देते हैं !

रायपुर (छत्तीसगढ) महानगरपालिका द्वारा श्री गणेशमूर्ति कूडे़ की गाडी़ से ले जाने का और उन्हे विसर्जन स्थल पर फेंकने का अपमानजनक मामला उजागर !

श्री गणेश का घोर अपमान करने के मामले में हिन्दुओं को छत्तीसगढ की काँग्रेस सरकार से संवैधानिक मार्ग से उत्तर मांगना चाहिए !

‘ब्राह्मणों को अपने गांव में न आने दें’, ऐसा आवाहन करने वाले छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता को हिरासत !

ऐसे जाति द्वेष के कारण ही भारत में जात-पांत अभी भी समाप्त नहीं हो सका है । जात-पांत नष्ट करने के लिए इस प्रकार की कुत्सित बुद्धि की मानसिकता को प्रथम नष्ट करना आवश्यक !

छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन के एक प्रकरण में भीड़ ने थाने में घुसकर तोड़फोड़ की एवं एक पादरी समेत तीन लोगों को पीटा !

इस घटना के विरोध में ईसाइयों ने थाने के बाहर प्रार्थना की, जबकि हिन्दुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया ।

छत्तीसगढ के सरकारी स्कूल में शिक्षक ने भगवान कृष्ण के जन्मदिन पर उपवास कर रहे छात्रों को पीटा !

ऐसे शिक्षक को निलंबित नहीं, अपितु बंदी बनाकर कारागृह में डाल देना चाहिए, ताकि कोई अन्य इस तरह की हरकत करने का साहस न करे !

प्राथमिकी प्रविष्ट (एफ.आई.आर) करने से पहले पुलिस किसी को पूछताछ के लिए नहीं बुला सकती ! – छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि पुलिस एफ.आई.आर. पंजीकृत करने से पहले किसी को पूछताछ के लिए नहीं बुला सकती ।