Pinaki Gangopadhyay : हिन्दू एकता के कारण ही बंगाल में भाजपा की विजय !
बंगाल में कुछ दिन पूर्व ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम अत्यंत आश्चर्यजनक रहे हैं । यहां की जनता में कई वर्षों से भय का वातावरण था, जिसे भाजपा ने प्रभावी रूप से तोडा ।
बंगाल में कुछ दिन पूर्व ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम अत्यंत आश्चर्यजनक रहे हैं । यहां की जनता में कई वर्षों से भय का वातावरण था, जिसे भाजपा ने प्रभावी रूप से तोडा ।
बंगाल के नये मुख्यमंत्री के रूप में भारतीय जनता पार्टी के विधानमंडल दल ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का चयन किया है ।
राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा ममता बनर्जी को करारी पराजय देने के पश्चात तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा किए गए हिंसक घटनाक्रमों में पुलिस ने अब तक २०० प्रकरण दर्ज किए हैं तथा ४३३ लोगों को बंदी बनाया ।
बंगाल में भाजपा को बहुमत मिलने के पश्चात तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं में भय का वातावरण उत्पन्न हो गया है ।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने ये बोर्ड लगाए थे । उनका कहना था कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और अन्य धर्मों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया ।
उत्तरप्रदेश एवं बिहार की भांति बंगाल में भी अपराध कम करने के लिए भाजपा की सत्ता की परीक्षा होने वाली है, यह इससे स्पष्ट होता है !
बंगाल जैसे राज्य में, जहाँ मुसलमानों की जनसंख्या बड़ी संख्या में है, वहाँ हिंदू उम्मीदवार खड़ा करके भाजपा ने एक प्रकार से यह अप्रत्यक्ष रूप से दिखा दिया है कि उसे हिंदुत्व का खुला समर्थन प्राप्त है।
चुनाव के समय तथा उससे पूर्व बंगाल में अत्यंत निम्न स्तर का दादागिरी का वातावरण था । स्थानीय स्तर के नेता तथा ‘दादा’ (गुंडा प्रवृत्ति के लोग) ने अनुचित वातावरण बनाया ।
भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या
तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय पर बुलडोजर चलाया गया
बंगाल एवं असम में भाजपा की सत्ता आने के उपरांत इसका पडोसी बांग्लादेश पर क्या प्रभाव पडेगा, इस पर चर्चा आरंभ हो गई है ।