(और इनकी सुनिए …) ‘भारत में रहने से मुझे लज्जा आती है !’ – Kapil Sibal, Congress

  • तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर हुए आक्रमणों को लेकर कांग्रेस नेता अधिवक्ता कपिल सिब्बल का भारत को कलंकित करने का प्रयत्न l

  • भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जताया विरोध l

कपिल सिब्बल

नई देहली – तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी एवं कल्याण बनर्जी पर हुए आक्रमणों के प्रकरण में राज्यसभा के कांग्रेस सांसद एवं सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ‘ऐसी घटनाएं जहां घटती हैं, उस देश में मुझे रहने से लज्जा आती है’, ऐसा बयान दिया ।

सिब्बल को प्रतिउत्तर देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा,

‘‘देश के सर्वोच्च न्यायालय में कार्य करके सिब्बल ने कोटि-कोटि रुपये कमाए फिर भी उन्हें भारत में रहने से लज्जा आती है । सिब्बल कहते हैं कि, उन्हें भारत में रहने से लज्जा आती है । तथापि वर्ष २०२१ में चुनाव के उपरान्त हुई हिंसा में भाजपा एवं कांग्रेस के ३०० से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या हुई, तब सिब्बल ने कभी भी मुख नहीं खोला । इसके अतिरिक्त आर.जी. कर महाविद्यालय की डॉक्टर पर बलात्कार, तथा सन्देशखाली जैसे प्रकरणों में भी सिब्बल मौन रहे । भाजपा सरकार से राजनीतिक मतभेद होना, यह एक समय समझने योग्य है; परन्तु भाजपा का विरोध करने के चक्कर में कुछ विपक्षी दलों के नेताओं में देश पर ही आक्रमण करने की प्रवृत्ति क्यों दिखाई देती है ? भारत से द्वेष क्यों…

संपादकीय भूमिका

  • बंगाल में हिन्दुओं पर पिछले कई दशकों से निरंतर अत्याचार हुए । उस समय कपिल सिब्बल को कभी लज्जा क्यों नहीं आई ? बंगाल बांग्लादेश बनने के मार्ग पर होते हुए सिब्बल को कभी भी लज्जा क्यों नहीं आई ?
  • ऐसे बयानों से भारत की छवि मिलीं (खराब) करके सिब्बल जैसे राजनीतिज्ञ भारतद्रोहियों के हाथ में बैठे-बिठाए अस्त्र दे देते हैं । ऐसों को ‘उनकी लज्जा बची रहे’, ऐसे देश में भेज देना चाहिए !