Bengal Vande Mataram : बंगाल के मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य किए जाने का कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा विरोध ।

विधायक हुमायूं कबीर ने न्यायालय जाने की चेतावनी दी ।

विधायक हुमायूं कबीर

कोलकाता (बंगाल) – बंगाल में भाजपा सरकार द्वारा राज्य के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य किए जाने के निर्णय का मुस्लिम संगठनों ने विरोध किया है । ‘आम आदमी उन्नयन पार्टी’ के अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि मदरसों से जुडे लोग इस निर्णय से कभी सहमत नहीं होंगे । सरकार मदरसों को चलाने के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं देती । मुसलमान स्वयं चंदा एकत्र कर मदरसे चला रहे हैं । गरीब बच्चों को कुरान की शिक्षा दी जा रही है । ऐसी स्थिति में सरकार अपनी नीति उन पर नहीं थोप सकती । हिन्दू हो या मुसलमान, प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है । आवश्यकता पडने पर हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे ।

१. मौलानाओं का कहना है कि यह उनके धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है । हम इस आदेश के विरुद्ध सडकों पर उतरकर आंदोलन करेंगे ।

२. ‘कोलकाता खिलाफत समिति’ के प्रमुख मोहम्मद अशरफ अली कासमी ने भी सरकार के निर्णय का विरोध किया है । उन्होंने कहा कि हम इस देश में रहते हैं तथा देश से प्रेम करते हैं, (यह प्रेम कभी दिखाई क्यों नहीं देता ? – संपादक) परंतु हम देश की ‘पूजा’ नहीं कर सकते । इस्लाम के अनुसार मुसलमान केवल अल्लाह की ही पूजा करते हैं । ‘वंदे मातरम्’ की कुछ पंक्तियां हमारे धर्म के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध हैं । सरकार को यह निर्णय वापस लेना चाहिए ।

सरकार धर्म नहीं, विकास पर ध्यान दे ।

मुस्लिम संगठनों का कहना है कि सरकार का काम व्यवसाय देना तथा विकास करना है । सरकार को स्वास्थ्य, सडक एवं कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए । किसी के धार्मिक प्रकरणों में हस्तक्षेप करना सरकार का कार्य नहीं है । (धर्म के आधार पर सुविधाएं मांगते समय यह सिद्धांत क्यों याद नहीं आता ? – संपादक)

जब स्कूलों में यह नियम है, तो मदरसों में क्यों नहीं ? – मदरसा शिक्षा मंत्री

राज्य के मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि जब स्कूलों में यह नियम लागू है, तो मदरसों में क्यों नहीं होना चाहिए ? सरकार ने पुराने सभी नियम निरस्त कर यह आदेश लागू किया है ।

  • ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी की मांग

  •  हुमायूं कबीर एक कठपुतली हैं, उन्हें जेल में डालो ।

विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बकरीद के दिन गाय की कुर्बानी हर हाल में दिए जाने संबंधी बयान का ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने विरोध किया है । उन्होंने कहा कि इस व्यक्ति का कोई अस्तित्व नहीं है । वह सरकार की कठपुतली है । ऐसे व्यक्ति को जेल में होना चाहिए । पहले तृणमूल कांग्रेस ने उसे अपने साथ रखा था और अब भाजपा भी वही कर रही है ।

 

संपादकीय भूमिका

भारत का विभाजन धर्म के आधार पर होकर मुसलमानों को पाकिस्तान दिए जाने के उपरांत भी जो लोग यहां रहकर इस प्रकार की धमकियां देते हैं, उन्हें अब बांग्लादेश या पाकिस्तान भेजना अपरिहार्य है ।