औरैया (उत्तरप्रदेश) में शिक्षक द्वारा मारे जाने से दलित विद्यार्थी की मृत्यु होने के उपरांत हिंसा !
इस प्रकार की हिंसा होकर वित्तहानि होना, यह पुलिस के लिए लज्जास्पद !
इस प्रकार की हिंसा होकर वित्तहानि होना, यह पुलिस के लिए लज्जास्पद !
गोलीबारी के उपरांत गोलीबारी करने वाले ने आत्महत्या करने की जानकारी अधिकारियों ने दी; लेकिन इस गोलीबारी के पीछे का कारण अभी तक समझ नहीं सके हैं । साथ ही गोलीबारी करनेवाले को पहचाना नहीं जा सका है ।
गत १० वर्षों में विज्ञान ने चाहे कितनी लंबी छलांग लगा कर उन्नति कर ली हो और मानव जाति के लिए कितनी ही सुख-सुविधाओं का निर्माण किया हो, वह मनुष्य को शाश्वत एवं चिरंतन आनंद उपलब्ध न करा कर मानव, समाज तथा पर्यावरण को क्षति पहुंचा रहा है । क्या वैज्ञानिक वृंद अभी भी विज्ञान की परिसीमा समझ पाएंगे ?
ऐसे शिक्षक ‘शिक्षक’ पद को कलंकित करते हैं ! ऐसों पर कठोर कार्यवाही की गई, तभी अन्यों को इससे डर बैठेगा !
‘ऐसी घटना देश के अन्य छात्रावासों में तो नहीं होती ?’, इसकी अब देश स्तर पर जांच होने के लिए प्रत्येक राज्य की सरकार को प्रयास करने चाहिए !
भारत तथाकथित धर्मनिरपेक्ष देश होते हुए भी यहां हिजाब ‘ऐच्छिक’ नहीं, अपितु ‘अनिवार्य’ होने की बात दिखाई देती है !
पंजाब के मोहाली में चंडीगढ विद्यापीठ की छात्राओं का स्नान करते समय का वीडियो प्रसारित होने के प्रकरण में वसतीगृह के सभी प्रमुखों को हटाया गया और दो को निलंबित कर दिया गया ।
ऐसे प्रकरणों को ध्यान में रखकर सर्व ‘हिन्दू’ हिन्दू व्यापारियों से साहित्य खरीदें ।’ यदि हिन्दू संगठन ऐसा आवाहन करे, तो उसमें अनुचित क्या है ?
पतंजलि अब तक ५ लाख से अधिक युवाओं को व्यवसाय के अवसर प्रदान कर चुकी है । अभी भी पतंजलि के विरुद्ध षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
इसमें हिन्दू साधुओं की हत्याएं करने का षड्यंत्र तो नहीं है ? सरकार को इसकी कडी जांच कर, सत्य उजागर करना आवश्यक !