अवैध कृत्य करने के कारण इटली में ‘अमेजन’ पर ९ सहस्र ८४३ करोड ७३ लाख रुपए का जुर्माना !
भारत में भी ‘अमेजन’ पर कई आरोप लगे हैं ! सरकार को उनकी जांच कर उन पर इस प्रकार के आर्थिक दंड लगाने का साहस दिखाना चाहिए, ऐसा ही जनता को लगता है !
भारत में भी ‘अमेजन’ पर कई आरोप लगे हैं ! सरकार को उनकी जांच कर उन पर इस प्रकार के आर्थिक दंड लगाने का साहस दिखाना चाहिए, ऐसा ही जनता को लगता है !
‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में ‘सनातन प्रभात’ की सक्रिय सहभागिता’, यह विषय मैं एक पाठक, एक साधक, एक हिन्दू धर्मप्रेमी और एक राष्ट्रप्रेमी की दृष्टि से प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूं
परात्पर गुरु डॉक्टरजी स्वयं की देह की चिंता किए बिना ‘हम समस्त हिन्दुओं की रक्षा हो और हमारा देश अखंड एवं बलशाली बने’, इसके लिए प्रयासरत हैं । ‘केवल हमारे देश में ही नहीं, अपितु समस्त विश्व में ही हिन्दू राष्ट्र आए अर्थात रामराज्य आए’, इसके लिए वे प्रयास करते हैं ।
केवल व्यावसायिकता, शीर्ष तक पहुंचने की स्पर्धा, आर्थिक घोटाले, एक-दूसरे पर हावी होनेवाली सामाजिक संस्थाएं और नियतकालिक आदि किस प्रकार के कार्यकर्ता तैयार करते हैं, इस पर उन्हें विचार करना चाहिए । सृजनात्मक लक्ष्य लेकर कार्यरत ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिकों में सेवा करने से आज हम व्यवसाय करते समय भी सामाजिक भान रखकर आचरण कर पा रहे हैं ।
‘सनातन प्रभात’ नियतकालिकों के जालस्थल (वेबसाइट) पर नियतकालिकों में प्रकाशित किए जानेवाले लेख जालस्थल की विविध ‘कैटेगरीज’ में विभाजित किए गए हैं । इनमें अंतरराष्ट्रीय / राष्ट्रीय / राज्यस्तरीय / स्थानीय समाचार, राष्ट्र-धर्म लेख, साधना, अनुभूति इत्यादि विविध ‘कैटेगरीज’ का समावेश है ।
इस्कॉन द्वारा विरोध प्रशंसनीय है, किन्तु कट्टरता को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। भारत सरकार को इसमें पहल करनी चाहिए , हिन्दू की ऎसी अपेक्षा है !
अधिकांश समाचार पत्र केवल समाचार देने के अतिरिक्त और क्या करते हैं ? इसके विपरीत ‘सनातन प्रभात’ राष्ट्र एवं धर्म कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करता है।
सनातन प्रभात’ नियतकालिकों के जालस्थल (वेबसाइट) पर नियतकालिकों में प्रकाशित किए जानेवाले लेख जालस्थल की विविध ‘कैटेगरीज’ में विभाजित किए गए हैं । इनमें अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय/राज्यस्तरीय/स्थानीय समाचार, राष्ट्र-धर्म लेख, साधना, अनुभूति इत्यादि विविध ‘कैटेगरीज’ का समावेश है ।
सभी साधक, पाठक, शुभचिंतक, धर्मप्रेमी, हिन्दुत्वनिष्ठ इत्यादि इस सुविधा का अवश्य उपयोग करें, ऐसी विनती ।
सनातन प्रभात’ एकमात्र ऐसा दैनिक है, जिसके माध्यम से हिन्दू धर्म एवं हिन्दू धर्मियों की अर्थहीन आलोचना का आप (डॉ. जयंत आठवलेजी) एवं आपके सेवाभावी साधक निर्भयता से मुंहतोड उत्तर देते हैं ।