विहिप के सह जिला मंत्री को उत्तर प्रदेश पुलिस ने नृशंसता से पीटा !
यदि विहिप के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कडी से कडी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए !
यदि विहिप के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कडी से कडी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए !
तमिलनाडु में मई माह में पकडे गए नवीन चक्रवर्ती और संजय प्रकाश इन दो युवकों की राष्ट्रीय जांच तंत्र द्वारा (एन.आई.ए.) की जांच में सामने आया कि, उन्होंने ‘लिबरेशन टाइगर ऑफ तमिल ईलम्’ (एल.टी.टी.ई.) जैसा संगठन तैयार कर सशस्त्र संघर्ष करने की योजना बनाई है ।
हिन्दू महासभा के एक कार्यकर्ता ने बताया कि यह ताजमहल नहीं, अपितु तेजोमहालय मंदिर है । उसके लिए हम हमारी लडाई लडते रहेंगे ।
पहले दंगे में सम्मिलित होना, तत्पश्चात मूलभूत अधिकार का हनन हो रहा है कहना, यह उचित नहीं । ऐसा कहते हुए न्यायालय ने धर्मांध की देहली पुलिस के विरुद्ध की याचिका अस्वीकार की ।
सत्ताधारी पक्ष के गुंडागर्दी करने वाले नेता ! एक शिक्षक को विद्यालय में घुसकर और वह भी विद्यार्थियों के सामने मारने का साहस होता ही कैसे है ? क्या अब इस विषय में धर्मनिरपेक्षतावादी संगठन और पक्ष मुंह खोलेंगे ?
ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? पुलिस स्वयं सामने आकर कार्यवाही क्यों नहीं करती ?
राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं मंत्रियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री बोम्माई ने २९ जुलाई को सायंकाल प्रसारमाध्यमों को जानकारी देते हुए कहा कि प्रवीण नेट्टारु की हत्या का प्रकरण राष्ट्रीय अन्वेषण (एन.आइ.ए.) तंत्र को सौंपने का निर्णय लिया गया है ।
ऐसे विधानों के कारण भारत विरोधी शक्तियों को ‘भारत मुसलमान विरोधी है’, ऐसा कहने का अवसर हम ही देते हैं । इसलिए अब शरीफ के पिता पर भी कार्यवाही होनी चाहिए !
ऐसे भ्रष्ट लोगों को नौकरी से निकाल कर दंड भुगतने के लिए उन्हें इसी कारागृह में रखना चाहिए; इसी कारण अपराधियों को यह ‘दंड’ नहीं लगता । इसमें कोई संदेह नहीं कि देश के लगभग सभी कारागृहों में अल्पाधिक प्रमाण में ऐसी ही स्थिति होगी !
देशविघातक कार्रवाईयां करने के लिए अबतक अनेक मदरसों का उपयोग किया जाना उजागर होने के पश्चात भी सरकार ऐसे मदरसों पर क्यों प्रतिबंध नहीं लगाती ?