तुर्कीए एवं चीन को भारत-पाक संघर्ष के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए !
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत ७ से १० मई के मध्य हुए सैन्य संघर्ष के समय पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध चीन एवं तुर्कीए देशों के शस्त्रों एवं उपकरणों का उपयोग किया, यह स्पष्ट हुआ है ।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत ७ से १० मई के मध्य हुए सैन्य संघर्ष के समय पाकिस्तान ने भारत के विरुद्ध चीन एवं तुर्कीए देशों के शस्त्रों एवं उपकरणों का उपयोग किया, यह स्पष्ट हुआ है ।
न केवल सैन्य प्रमुख , अपितु संपूर्ण पाकिस्तान ही धार्मिक रूप से कट्टर है, क्योंकि पाकिस्तान की स्थापना ही धर्म के आधार पर हुई थी । अतः पाकिस्तान के साथ उसी प्रकार का व्यवहार आवश्यक है ।
पहलगाम आक्रमण में सहभागी आतंकवादी अभी भी नहीं मिले हैं ।
पाकिस्तान के ड्रोन एवं मिसाइलों के भारत में गिरे अवशेष भारतीय सेना ने अपने अधिकार में ले लिए हैं । अब इन अवशेषों की मांग अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड, फ्रांस, जापान आदि देश कर रहे हैं ।
कांग्रेस को कुछ भी नहीं मिला; इसलिए इस प्रकार का आरोप लगाकर राजनीतिक स्वार्थ साधने का प्रयास कर रही है, यह जनता को दिख रहा है !