शहरी नक्सलवाद : राष्ट्र के सामने एक चुनौती !

पिछले अंक में प्रकाशित लेख में आपने ‘नक्सलवाद की संकल्पना, शहरी नक्सलवादियों के लक्षण; भारत राष्ट्र को नष्ट करना, यह नक्सलवादियों का लक्ष्य और शहरी नक्सलवादियों के उदाहरणों’ के बारे में पढा । आज हम इस लेख का अंतिम भाग प्रस्तुत कर रहे हैं ।

कुमरगुडा (जिला गडचिरोली) की ग्रामसभा में नक्सलवादियों को गांव में प्रवेश पर रोक का निर्णय !

भामरागड तहसील के कुमरगुडा के नागरिकों ने नक्सलवादियों को गांव की सीमा में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया है । नक्सलवादियों का आतंक त्यागकर कुमरगुडा वासियों ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया ।

Gadchiroli Naxals : गढचिरौली में १० वर्षों में ३८३ नक्सली आक्रमणों में १३४ नागरिकों की हत्या !

जून २०२५ में महाराष्ट्र के चंद्रपुर, भंडारा, नांदेड तथा यवतमाल — ये ४ जिले नक्सलवाद से मुक्त घोषित किए गए हैं । परंतु गोंदिया तथा गढचिरौली जिलों में अभी भी नक्सलवाद विद्यमान है ।

अर्बन (शहरी) नक्सली एवं अर्बन नक्सलवाद : एक गुप्त राष्ट्र घात

आज सबसे गंभीर और संभावित संकट बाहरी शत्रुओं से नहीं, अपितु शहरों के भीतर काम करनेवाले वैचारिक रूप से प्रेरित ‘राष्ट्रघातियों’ से आता है, जो सामान्यतया ‘बौद्धिक कार्यकर्ता’ तथा ‘व्यवसायी’ होते हैं ।

नगरीय (अर्बन) नक्सलवाद की समस्या का वास्तविक जनक कांग्रेस है ! – माधव भंडारी, वरिष्ठ भा.ज.पा. नेता एवं प्रवक्ता

पुणे में ‘बढते नगरीय नक्सलवाद एवं जनसुरक्षा अधिनियम’ इस विषय पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में १,००० से अधिक देशभक्त सम्मिलित हुए

PM Narendra Modi : नक्सलवाद अब १२५ जनपदों से घटकर केवल २० जनपदों तक सीमित रह गया है !

एक समय ऐसा था जब छत्तीसगढ के बस्तर का नाम आते ही नक्सलवाद, माओवाद, बमविस्फोट एवं बंदूकों की ध्वनि स्मरण होती थी । आज वही बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, तथा वहां के युवा अब ओलम्पिक में भाग ले रहे हैं ।

Gadchiroli Naxals : गढचिरौली और गोंदिया में १,००० से अधिक क्षेत्र अभी भी नक्सलवाद से प्रभावित हैं !

गढचिरौली के आरमोरी, गढचिरौली एवं अहेरी निर्वाचन क्षेत्रों के ९७२ क्षेत्र एवं गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव एवं आमगांव निर्वाचन क्षेत्रों के १११ क्षेत्र नक्सली गतिविधियों से प्रभावित बताए गए हैं ।

अबुझमाड (छत्तीसगढ) में संघर्ष में ६ नक्सलवादी ढेर

६ नक्सलवादी मारे गए । घटनास्थल से एके-४७ तथा अन्य हथियार, साथ ही विस्फोटक सामग्री पकडी गई

Urban Naxalism: शहरी नक्सलवाद को प्रोत्साहन देनेवाले ६४ संगठन सक्रिय !

माओवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगानेवाला ‘महाराष्ट्र विशेष जन सुरक्षा विधेयक – २०२४’ विधान परिषद में अनुमोदित !

पंढरपुर की वारी में घुसे ‘शहरी नक्सलियों’ पर सरकार गंभीरता से ध्यान दे !

समस्त वारकरी संप्रदाय एवं संगठनों की पत्रकार वार्ता में मांग l
तीर्थस्थल, देवता, संत, अभंग (भक्तिरचनाएं) तथा पवित्र पंढरपुर की वारी का अनादर सहन न करने की भी दी चेतावनी l