होली ७ मार्च (फाल्गुन पूर्णिमा)

होलिकोत्सव दुष्प्रवृत्ति व अमंगल विचारों को समाप्त कर, सन्मार्ग दर्शानेवाला उत्सव है । इस उत्सव का महान उद्देश्य है, अग्नि में वृक्षरूपी समिधा अर्पित कर वातावरण को शुद्ध करना ।

धर्मशिक्षा एवं आचरण के कारण हिन्दू धर्म एवं संस्कृति की रक्षा हो ! – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी, राष्ट्रीय मार्गदर्शक, हिन्दू जनजागृति समिति

दीपावली के एक-एक दिन का महत्त्व हमने आनेवाली युवा पीढी को नहीं बताया, तो हिन्दू धर्म की रक्षा कैसे होगी ? अतः हमें त्योहारों एवं सोलह संस्कारों की वैज्ञानिकता एवं महत्त्व आनेवाली युवा पीढीतक पहुंचाना होगा । धर्मशिक्षा एवं आचरण के कारण हिन्दू धर्म एवं संस्कृति की रक्षा होगी ।

मकर संक्रांति मनाने की पद्धति एवं पर्वकाल में दान का महत्त्व

इस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक वातावरण अधिक चैतन्यमय होता है । साधना करनेवाले को इस चैतन्य का लाभ होता है ।

श्री दत्त जयंती

एक सांप्रदायिक जन्मोत्सव । मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन मृग नक्षत्र पर सायंकाल दत्त का जन्म हुआ, इसलिए इस दिन भगवान दत्तात्रेय का जन्मोत्सव सर्व दत्तक्षेत्रों में मनाया जाता है ।

#Diwali : लक्ष्मीपूजन के अवसर पर रात को रात को झाडू क्यों लगाएं ?

अलक्ष्मी अर्थात दरिद्रता, दैन्य और आपदा । नि:सारण करने का अर्थ है बाहर निकालना ।

#Diwali : विनाशकारी पटाखोंपर प्रतिबंध लगाएं !

अमावास्याका अंधेरा कान फाडनेवाले पटाखोंके कारण दूर नहीं होता; अपितु आंखोंके समक्ष जुगनूके समान चमककर सर्वत्र गहराता हुआ अंधकार होनेका ही भ्रम होता है ।

#Diwali : तुलसी विवाह

तुलसी विवाह के दिनसे शुभ दिवसका, अर्थात मुहूर्तके दिनोंका आरंभ होता है । ऐसा माना जाता है कि, ‘यह विवाह भारतीय संस्कृतिका आदर्श दर्शानेवाला विवाह है ।’ घरके आंगनमें गोबर-मिश्रित पानी छींटिए ।

#Diwali : नरकचतुर्दशी

आश्विन कृष्ण चतुर्दशी तथा विक्रम संवत अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी नरक चतुर्दशीके नामसे जानते हैं । दीपावलीके दिनोंमें अभ्यंगस्नान करनेसे व्यक्तिको अन्य दिनोंकी तुलनामें ६ प्रतिशत सात्त्विकताका अधिक लाभ मिलता है ।

#Diwali : धनत्रयोदशी

‘धनत्रयोदशी’ दिनके विशेष महत्त्वका कारण यह दिन देवताओंके वैद्य धन्वंतरिकी जयंतीका दिन है । धनत्रयोदशी मृत्युके देवता यमदेवसे संबंधित व्रत है । यह व्रत दिनभर रखते हैं । व्रत रखना संभव न हो, तो सायंकालके समय यमदेवके लिए दीपदान अवश्य करते हैं ।

#Diwali : भाईदूज मनाने से भाई एवं बहन को होनेवाले लाभ

असामायिक अर्थात अकालमृत्यु न आए, इसलिए यमदेवताका पूजन करनेके तीन दिनोंमेंसे कार्तिक शुक्ल द्वितीया एक है । यह दीपोत्सव पर्वका समापन दिन है ।