
अमरनाथ स्थित गुहा में बर्फ का शिवलिंग निर्मित होता है । इस गुहा में भगवान शिव ने देवी पार्वती को इस गुहा में अमरत्व का ज्ञान दिया था । इसलिए इस गुहा का महत्त्व है । देवी पार्वती को अमरकथा सुनाने के लिए लेकर जाते समय भगवान शिव ने मार्ग में सर्वप्रथम अपने वाहन नंदी का त्याग किया । उसके उपरांत चंदनबाडी में जटा से चंद्र को मुक्त किया । शेषनाग के एक तालाब पर पहुंचने पर उन्होंने गले से सांपों को उतार दिया । अपने प्रिय पुत्र गणेशजी को उन्होंने महागुणस पर्वत पर छोडा । उसके उपरांत पंचतरणी पर जाकर भगवान शिव ने पाचों तत्त्वों का त्याग किया ।
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
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