साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाएं !

यदि सनातन संस्था तथा उसके संतों और साधकों के विषय में कोई आपत्तिजनक लेखन अथवा वक्तव्य करता हुआ दिखाई दे, तो इसकी जानकारी अपने क्षेत्र के उत्तरदायी धर्मप्रचारक संतों को दें ।

अक्षय तृतीया के पर्व पर ‘सत्पात्र को दान’ देकर ‘अक्षय दान’ का फल पाएं !

‘१९.४.२०२६ को ‘अक्षय तृतीया’ है । इस दिन की कोई भी घटिका शुभमुहूर्त ही होती है । इस दिन किए जानेवाले दान और हवन का क्षय नहीं होता; अर्थात उनका फल हमें प्राप्त होता ही है । इसलिए बहुत-से लोग इस दिन बडी मात्रा में दानधर्म करते हैं ।

अध्यात्म के संदर्भ में लेखन अथवा लेख से संबंधित नियतकालिक / ग्रंथ हों, तो कृपया सनातन को भेजें !

साधकों को सूचना तथा पाठकों से निवेदन !

साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से विकल्प फैलाने के लिए कार्यरत सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाएं !

वर्तमान में सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियां साधकों की श्रद्धा को भंग करके उन्हें साधना से दूर करने के लिए ‘शब्दशक्ति’ के माध्यम से बडे स्तर पर सूक्ष्म युद्ध कर रही हैं। लिखित और वाणी में प्रयुक्त शब्दों के माध्यम से संस्था, संत और साधकों के विषय में नकारात्मकता फैलाने की घटनाएं हो रही … Read more

साधको, मन की संकल्प-विकल्प (संदेह) की अवस्थाओं में उलझकर साधना से दूर न जाते हुए, इस संधिकाल का साधना के लिए लाभ उठाएं ! – श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी

‘साधको, रामनाथी, गोवा का सनातन आश्रम वैकुंठ समान स्थान है । आपको साधना के लिए ऐसा स्थान मिला है । आप माया का विचार कर इस आश्रम से कभी बाहर न जाएं ।

 हिन्दुओ, कालानुसार साधना के रूप में श्रीरामरक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें !

‘प्रभु श्रीराम एवं हनुमानजी एक ही सिक्के के दो पहलुओं के समान हैं । अत: श्रीराम की उपासना में हनुमानजी का भी स्थान है । रामरक्षा में भी हनुमानजी का उल्लेख है । इसलिए पूजाघर में श्रीराम का चित्र या प्रतिमा हो, तो साथ में हनुमानजी का भी चित्र या प्रतिमा रखकर उनकी भी नित्य पूजा करें ।’

हिन्दुओ, कालानुसार साधना के रूप में श्रीरामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें !

‘हिन्दुओ, आपातकाल निकट आता जा रहा है । इस काल में श्रीराम और हनुमान के आशीर्वाद से हम पार हो सकते हैं ।

साधको, जिज्ञासुओं के ‘हमारे’ बन जाने पर नहीं, अपितु वे ‘हमारे’ बनें; इसके लिए तत्परता से उन्हें पाठक बनाएं !

‘जिज्ञासुओं को साधना की ओर मोडने का तथा धर्मप्रेमियों को प्रत्यक्ष कृति के लिए प्रेरित करने का सर्वाेत्तम माध्यम है नियतकालिक सनातन प्रभात !

महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में सनातन के ग्रंथों एवं सात्त्विक उत्पादों का अधिक से अधिक वितरण करें !

अखिल विश्व में धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की नींव रखने तथा जिज्ञासुओं को धर्माचरणी बनाने में सनातन द्वारा प्रकाशित ग्रंथों का बहुमूल्य योगदान है ।

अपने क्षेत्र में सनातन के ग्रंथों की प्रदर्शनी आयोजित कर अध्यात्मप्रसार के कार्य में सहभागी हों !

आप भी ऐसी ग्रंथ-प्रदर्शनी आयोजित करना चाहते हैं, तो इसके लिए अपने जिले के सनातन संस्था के साधकों से संपर्क कर सकते हैं ।