साधको, मन की संकल्प-विकल्प (संदेह) की अवस्थाओं में उलझकर साधना से दूर न जाते हुए, इस संधिकाल का साधना के लिए लाभ उठाएं ! – श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी

‘साधको, रामनाथी, गोवा का सनातन आश्रम वैकुंठ समान स्थान है । आपको साधना के लिए ऐसा स्थान मिला है । आप माया का विचार कर इस आश्रम से कभी बाहर न जाएं ।

 हिन्दुओ, कालानुसार साधना के रूप में श्रीरामरक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें !

‘प्रभु श्रीराम एवं हनुमानजी एक ही सिक्के के दो पहलुओं के समान हैं । अत: श्रीराम की उपासना में हनुमानजी का भी स्थान है । रामरक्षा में भी हनुमानजी का उल्लेख है । इसलिए पूजाघर में श्रीराम का चित्र या प्रतिमा हो, तो साथ में हनुमानजी का भी चित्र या प्रतिमा रखकर उनकी भी नित्य पूजा करें ।’

हिन्दुओ, कालानुसार साधना के रूप में श्रीरामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ करें !

‘हिन्दुओ, आपातकाल निकट आता जा रहा है । इस काल में श्रीराम और हनुमान के आशीर्वाद से हम पार हो सकते हैं ।

साधको, जिज्ञासुओं के ‘हमारे’ बन जाने पर नहीं, अपितु वे ‘हमारे’ बनें; इसके लिए तत्परता से उन्हें पाठक बनाएं !

‘जिज्ञासुओं को साधना की ओर मोडने का तथा धर्मप्रेमियों को प्रत्यक्ष कृति के लिए प्रेरित करने का सर्वाेत्तम माध्यम है नियतकालिक सनातन प्रभात !

महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में सनातन के ग्रंथों एवं सात्त्विक उत्पादों का अधिक से अधिक वितरण करें !

अखिल विश्व में धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र की नींव रखने तथा जिज्ञासुओं को धर्माचरणी बनाने में सनातन द्वारा प्रकाशित ग्रंथों का बहुमूल्य योगदान है ।

अपने क्षेत्र में सनातन के ग्रंथों की प्रदर्शनी आयोजित कर अध्यात्मप्रसार के कार्य में सहभागी हों !

आप भी ऐसी ग्रंथ-प्रदर्शनी आयोजित करना चाहते हैं, तो इसके लिए अपने जिले के सनातन संस्था के साधकों से संपर्क कर सकते हैं ।

आध्यात्मिक मित्र ‘सनातन पंचांग’ एप का अधिकाधिक प्रसार करें !

‘सनातन पंचांग’ एप २०२६ मराठी, हिन्दी, कन्नड, तेलुगु, गुजराती, तमिल और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है ।

आध्यात्मिक मित्र ‘सनातन पंचांग एप’ का अधिक से अधिक प्रचार करें !

‘सनातन पंचांग एप’ के माध्यम से शुभ मुहूर्त, पर्व-त्योहार, स्वास्थ्य संबंधी सुझाव, सुविचार आदि दैनिक जीवन के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की जाती है । यह एप सरल, सटीक और सात्त्विक है तथा परंपरा और तकनीक का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है ।

विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित की जानेवाली प्रतियोगिताओं में विजेता छात्रों को पुरस्कार के रूप में सनतान के ग्रंथ एवं लघुग्रंथ दें  !

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों से विनम्र अनुरोध !

श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सभी साधक प्रतिदिन १०८ बार ‘हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे । हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।।’ इस महामंत्र का जाप करें

सप्तर्षि जीवनाडीपट्टिका में किए गए उल्लेख के अनुसार, सर्वत्र के सनातन के साधकों को युद्धकाल के लिए श्रीकृष्ण तथा रामराज्य के लिए श्रीराम के आशीर्वाद प्राप्त होना आवश्यक है ।