कोलकाता उच्च न्यायालय का शिवलिंग हटाने का आदेश लिखते समय न्यायालय के अधिकारी बेसुध होकर गिर पडे !

संसार की अनेक बातें पंचज्ञानेंद्रिय, मन एवं बुद्धि से परे की होती हैं तथा उन्हें समझने के लिए साधना ही करनी पडती है ।  भारतीय ऋषि-मुनियों ने हमें अध्यात्म का महत्त्व बताया है, तब भी भारतीय समाज साधनाविहीन बन रहा है, यह भारत का दुर्भाग्य है !  

बंगाल के एक घर से १२ सहस्र जिलेटिन की स्टिक्स जप्त !

आए दिन बम मिलने से ‘बंगाल’ और ‘बम’ अब समानार्थी शब्द हो गए हैं । बंगाल में ममता बैनर्जी सरकार के लिए यह लज्जाजनक है !

बंगाल में  ‘डेटिंग’ सेवा देने के नाम पर ठगी करनेवाले १६ जन गिरफ्तार !

बंगाल पुलिस ने ‘डेटिंग’ सेवा देने के नाम पर जाली ‘कॉल सेंटर’ चलानेवाले १६ जनों को गिरफ्तार किया है । इसमें १० युवतियों और ६ पुरुषों का समावेश है ।

कोलकाता में मदिरा क्रय करते हुए ५ रुपए अल्प देने के कारण हुई मारपीट में एक की मृत्यु !

तृणमूल कांग्रेस सत्ता का बंगाल राज्य, जहां कानून-सुव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है !

बंगाल में महिलाओं की भीड ने २ आदिवासी महिलाओं को पीट-पीट कर किया अर्धनग्न !

बंगाल में विगत कुछ माह में ऐसी घटनाएं होने का सामने आ रहा है । तब भी कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, माकप आदि राजनीतिक दल एवं महिला संगठन मुख्य मंत्री ममता बनर्जी से उत्तर पूछते दिखाई नहीं देते, यह ध्यान में लें  !

रामकृष्ण परमहंस एवं स्वामी विवेकानंद के विषय में आक्षेपार्ह विधान करने पर ‘इस्कॉन’के धार्मिक नेता अमोघ लीला दास को बनाया बंदी !

अमोघ लीला दास ने अपने विधान के लिए क्षमा मांगी है ।

बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की मृतदेह घर में फांसी लगी अवस्था में पाई गई !

तृणमूल कांग्रेस सरकार विसर्जित कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू करना ही बंगाल में हो रही इन घटनाओं पर एकमेव उपाय है ! ऐसी हत्या अन्य पक्षों के कार्यकर्ताओं की भाजपा सरकार के राज्यों में हुई होती, तो अब तक अन्य पक्षों ने आकाशपाताल एक कर दिया होता !

बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच हुए झगडे में एक कार्यकर्ता की मृत्यु

बंगाल में राष्ट्रपति शासन कब लागू होगा ?

राममंदिर के गर्भगृह और सिंहासन को बनाने का ठेका मुसलमान कारीगरों को !

बंगाल की ‘हिन्दू समाज पार्टी’ की ओर से श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को पत्र भेजकर विरोध

रथयात्रा पर बंगाल पुलिस द्वारा प्रतिबंध लगाना, यह धार्मिक प्रथा में हस्तक्षेप ! – कोलकाता उच्च न्यायालय

इससे स्पष्ट होता है कि, बंगाल सरकार संविधान के अनुसार निर्णय नहीं लेती है । ऐसी सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लागू करना ही योग्य होगा !