अफगानिस्तान के प्रश्न पर भारत की ओर से आयोजित बैठक के लिए रशिया, चीन और पाकिस्तान को निमंत्रण
अफगानिस्तान पर तालिबान की सत्ता और उस कारण निर्माण हुए प्रश्न, इस पर उत्तर ढूंढना, यह इस बैठक का उद्देश्य है ,ऐसा बताया जा रहा है ।
अफगानिस्तान पर तालिबान की सत्ता और उस कारण निर्माण हुए प्रश्न, इस पर उत्तर ढूंढना, यह इस बैठक का उद्देश्य है ,ऐसा बताया जा रहा है ।
आज ३३ वर्षों बाद भी काश्मीर हिन्दुओं के लिए असुरक्षित है, यह ध्यान दें ! यह स्थिति बदलने के लिए हिन्दू राष्ट्र का कोई पर्याय नहीं है !
समाज को साधना न सिखाने के कारण और नशीले पदार्थों की तस्करी पर कठोर कार्यवाही न होने का ही यह परिणाम है । इसके लिए अभी तक के सभी पार्टियों के शासनकर्ता उत्तरदायी हैं ! हिन्दू राष्ट्र में यह स्थिति नहीं होगी !
इस बोर्ड में करीब ७५,००० कर्मचारी काम कर रहे हैं और उन्हें इन प्रतिष्ठानों में केंद्रीय कर्मचारियों के रूप में बिना किसी को नौकरी से निकाले रखा जाएगा। यह प्रक्रिया अगले २ वर्षों में पूरी कर ली जाएगी।
राज्य के पांच जिलों-पठाणमथिट्टा, कोट्टायम्, एर्नाकुलम्, इडुक्की एवं त्रिशूर में अत्यधिक सतर्कता की चेतावनी दी गई है ।
कश्मीर एवं बांग्लादेश में हिन्दुओं की हत्या के हो रहे प्रकरण !
पहले कुछ समय तक, ‘उन्होंने वास्तविक रूप में प्राण त्याग दिए हैं’, यह ज्ञात नहीं हुआ । घटना के पश्चात, जब उनके साथियों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया, तो वे मृत पाए गए । वे गत २० वर्षों से यह भूमिका निभा रहे थे ।
तमिलनाडु में नास्तिकवादी द्रमुक सरकार होने के कारण, उससे हिन्दुओं को न्याय मिलने की संभावना नहीं है । ऐसी घटनाएं स्थायी रूप से रोकने के लिए, सर्वदूर के हिन्दुओं को हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए दृढ संकल्प करना चाहिए !
भारत को यदि जानबूझकर इस प्रकार से सूचकांक के नाम पर विश्वस्तर पर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा हो, तो भारत को उसका तीव्र विरोध कर इस सूचकांक को अस्वीकार ही करना चाहिए !
चीन वहां के मुसलमानों का दमन करता है; परंतु कुल ५२ में से एक भी इस्लामी देश उसका विरोध नहीं करता, इसे ध्यान में लीजिए ! दूसरी ओर भारत में मुसलमानों के साथ मारपीट होने की अफवा भी यदि फैली, तो इन ५२ इस्लामी देशों का प्रतिनिधित्व करनेवाला संगठन तुरंत ही भारत के विरोध में विषवमन करना आरंभ करता है ! भारतीयों की आत्मघाती गांधीगिरी ही इसका कारण है !