Jalgaon Land Jihad : श्री चांगदेव महाराज के मंदिर में धर्मांधों द्वारा अतिक्रमण !

  • जलगांव में भूमि जिहाद का प्रकरण !

  • अनधिकृत कब्रें हटाने की श्रद्धालुओं की मांग I

मुंबई – जलगांव जनपद के मुक्ताईनगर तहसील में तापी तथा पूर्णा नदियों के संगम पर १ सहस्र २०० वर्षों से ऐतिहासिक श्री क्षेत्र चांगदेव महाराज का प्राचीन मंदिर स्थित है । यह भारतीय पुरातत्व विभाग के अंतर्गत संरक्षित स्मारक है । इस मंदिर में दरगाह का निर्माण किए जाने का आरोप लगाया गया है । मंदिर में कब्रें तथा उन पर हरी चादरें दिखाई दे रही हैं ।

१. प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिर परिसर में कब्र बनाकर अतिक्रमण करना अथवा अनधिकृत निर्माण कार्य करना अथवा भविष्य में लघु कब्र को दरगाह (मुस्लिमों का समाधि स्थल) में परिवर्तित करने के कुप्रयासों के कारण श्रद्धालु आहत हैं । (ऐसा ही प्रकरण मलंगगढ पर हुआ था तथा हिन्दुओं के श्रद्धाकेंद्र को धर्मांधों ने हथिया लिया था ! – संपादक)

२. ‘एरंडोल का पांडववाडा धर्मांधों के हाथ लग गया एवं कालांतर में हिन्दुओं को अनेक वर्षों तक उसके लिए संघर्ष करना पडा । ऐसा प्रकरण चांगदेव महाराज के मंदिर के विषय में घटित न हो । पुरातत्व विभाग को यहां की अनधिकृत कब्रें ध्वस्त कर देनी चाहिए’, ऐसी श्रद्धालुओं ने मांग की है ।

३. यह १२ वीं शताब्दी की हेमाडपंथी स्थापत्य शैली का मंदिर है तथा पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर ने इसके पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया था ।

४. ‘मंदिर के परिसर में भूमि जिहाद का प्रकरण चल रहा है एवं स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय पुरातत्व विभाग को यह अतिक्रमण शीघ्र हटाना चाहिए’, ऐसी श्रद्धालुओं की मांग है ।

संपादकीय भूमिका

ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? जब कब्रों का निर्माण किया जा रहा था, तब प्रशासन एवं पुरातत्व विभाग क्या सोये हुए थे ?