मैसूर (कर्नाटक) : हावडा एक्सप्रेस से उतरे ४० बांग्लादेशी घुसपैठिए !

हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं की सतर्कता से पुलिस ने बंदी बना लिया

मैसूर (कर्नाटक) – यहां के रेलवे स्टेशन पर हावडा एक्सप्रेस से आए ४० से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को रेलवे पुलिस एवं स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया । स्टेशन पर उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर ‘हिन्दू जागरण वेदिके’ के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई । कोलकाता से प्रत्येक सप्ताह आनेवाली हावडा एक्सप्रेस से ये सभी लोग एक साथ मैसूर पहुंचे थे । अधिकांश लोगों के पास पश्चिम बंगाल के पतेवाले आधार कार्ड एवं अन्य कागदपत्र (दस्तावेज) थे; किंतु इनमें से अधिकांश दस्तावेजों के अयोग्य होने की आशंका व्यक्त की जा रही है ।

पुलिस द्वारा गहन पूछताछ किए जाने पर सभी ने अलग-अलग एवं परस्पर विरोधी बयान दिए । कुछ ने कहा कि वे मैसूर के निकटवर्ती क्षेत्रों में मजदूरी करने आए हैं, जबकि कुछ ने स्वयं को पर्यटक बताने का प्रयास किया । पुलिस जांच के अनुसार ये सभी लोग मैसूर से कोडगु जिले तथा पडोसी राज्य केरल के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कॉफी बागानों एवं अन्य कारखानों में अवैध रूप से काम प्राप्त करने की एक बडी योजना के अंतर्गत आए थे ।

बंगाल में भाजपा की सत्ता आने के उपरांत घुसपैठिए अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं ! – एल. नागेंद्र, पूर्व विधायक, भाजपा

इस विषय में भाजपा के पूर्व विधायक एल. नागेंद्र ने कहा कि प्रत्येक रविवार को बंगाल से बांग्लादेशी घुसपैठिए मैसूर आ रहे हैं । बंगाल में भाजपा की सत्ता आने के उपरांत घुसपैठिए अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं । सरकार को इन पर कडी दृष्टि रखनी चाहिए । गृह मंत्री प्रियांक खडगे संघ के निर्देशों के अतिरिक्त कुछ भी नहीं कर रहे हैं । यदि कल राज्य में दंगा होता है, तो उसके लिए राज्य सरकार सीधे उत्तरदायी होगी । घुसपैठियों को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ।

संपादकीय भूमिका

बंगाल में भाजपा की सत्ता आने के उपरांत वहां के बांग्लादेशी घुसपैठिए अन्य राज्यों में जा रहे हैं क्या, इसकी जांच होनी चाहिए । इन घुसपैठियों को बंगाल के माध्यम से ही बांग्लादेश वापस भेजने की व्यवस्था की जानी चाहिए !