देश में कोरोना-बाधित रोगियों की संख्या में बडी गिरावट !

विगत २४ घंटे में, १५ सहस्र २१ रोगी कोरोना मुक्त हुए हैं । देश में इस समय १ लाख ५३ सहस्र ७७६ रोगियों का उपचार चल रहा है ।

कश्मीरी मुसलमानों के संबंध में आपत्तिजनक वक्तव्य करने के लिए, कश्मीर में भाजपा नेता पर प्रकरण प्रविष्ट !

क्या भारत में रहकर, शत्रु राष्ट्र की विजय का आनंद मनाने वाले देशद्रोही नहीं हैं ? सरकार ने उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की है  ? जनता को यह ज्ञात होना चाहिए !

चीन कर रहा है उघूर मुसलमानों के अंगों का व्यापार !

भारत में किसी मुसलमान पर भीड ने आक्रमण किया, तो सुलगने वाले मुसलमान, उनके संगठन और धर्मनिरपेक्षतावादी कुछ बोलेंगे क्या ?

(कहते हैं) ‘मोहम्मद अली जिन्ना स्वतंत्रता की लडाई के नायक थे !’ – अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी

मस्लिम मतों के लिए देश के विभाजन और उसके बाद हुई १० लाख हिन्दुओं की हत्या के लिए उत्तरदायी जिन्ना की प्रशंसा करने वाले अखिलेश यादव को सरकार द्वारा कारागृह में डालकर उनकी पार्टी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए !

बांगलादेश के हिन्दुओं पर मुसलमानों के आक्रमण के विरोध में लिखने पर फेसबुक की ओर से मेरा खाता ७ दिनों के लिए बंद ! – लेखिका तस्लिमा नसरीन

फेसबुक का हिन्दूद्वेष और मुसलमान प्रेम जानिए ! धर्मांधों की ओर से हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचारों के विषय में कोई बोलता है या उसका विरोध करता है, तो फेसबुक को उसका कष्ट क्यों होता है ?

इस्राइल के राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र की सभा में फाडी इस्राइल विरोधी रिपोर्ट !

अनेकों बार विश्व व्यासपीठ पर भारत विरोधी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, तब भारत ने अभी तक कभी ऐसी कठोर भूमिका निभाई है क्या ?

हिन्दू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए कानून लाया जाए ! – विहिप की केंद्र एवं सभी राज्य सरकारों से मांग

धर्मांतरण विरोधी कानून की भी मांग !

भारत-नेपाल सीमा पर, मस्जिदों और मदरसों की संख्या में पिछले दो दशकों में चार गुना वृद्धि हुई !

मदरसों और मस्जिदों की संख्या चौगुनी होने तक क्या पुलिस, सुरक्षा और प्रशासन सो रहे थे ? उनके विरुद्ध अभी भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है ?

पुरोहितों ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत को दर्शन करने से रोका !

इससे यह स्पष्ट होता है, कि तीर्थ क्षेत्रों के सरकारीकरण के विरोध में हिन्दुओं की भावनाएं कितनी प्रखर हैं ! क्या केंद्र और सभी राज्य सरकारें अब मंदिरों का व्यवस्थापन भक्तों को सौंपेगी ?