तालिबान से मित्रतापूर्ण संबंध स्थापित करेंगे ! – चीन

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पत्रकारों को बताया कि चीन अफगानिस्तान के जनता के अधिकारों का सम्मान करता है और हम तालिबान के साथ मित्रतापूर्ण एवं सहयोगपूर्ण संबंध विकसित करने का इच्छुक है ।

वुहान (चीन) में एक वर्ष उपरांत पुन: मिला कोरोना का रोगी !

चीन के वुहान में कोरोना की उत्पत्ति हुई थी और उसके उपरांत चीन ने उस पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया था, किन्तु अब पुन: वुहान शहर में कोरोना का एक रोगी मिला है ।

चीन को कोरोना का ‘सुपर स्प्रेडर’ कहने पर भारतीय मासिक पर चीन में प्रतिबंध !

भारत विरोधी वृत्त छापने वाले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘वॉशिंगटन पोस्ट’, बीबीसी आदि विदेशी प्रसार माध्यमों पर भारत कब प्रतिबंध लगाएगा ?

देखिए Videos : चीन में गत १ सहस्र वर्षों में से सर्वाधिक वर्षा : लाखों लोग बेघर !

बीजिंग – यहां के हेनान प्रांत में मौसम विभाग ने गत १ सहस्र वर्षों में से सर्वाधिक वर्षा की प्रविष्टि की है ।

‘तालिबान ने चीन को कहा ‘मित्र’: अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए चीन से सहायता लेगा तालिबान !

तालिबान और चीन की मित्रता भारत के लिए घातक है तथा आज अथवा कल तालिबानी अपने आतंकियों का उपयोग भारत के विरुद्ध करके रहेगा, इसे ध्यान में लेकर भारत को उस दिशा में अभी से ही आक्रामक रणनीति अपनानी चाहिए !

परमाणु शस्त्र  रखने के लिए चीन द्वारा खोदे जा रहे हैं १०० से अधिक गड्ढे !

इससे स्पष्ट होता है कि युद्धखोर  चीन को सबक सिखाने के लिए भारत को सर्व प्रकार से तैयारी करने कितनी आवश्यकता है !

चीन द्वारा अफगानिस्तान तक चीन-पाकिस्तान आर्थिक महामार्ग का विस्तार करने का प्रयास

इस आर्थिक महामार्ग के नाम पर चीन अफगानिस्तान को निगल जाएगा, यही सत्य है  ! ऐसे चीन से भारत को सतर्क रहने की आवश्यकता है  !

(कहते हैं) ‘चीन पर दबाव निर्माण करने का प्रयास करने पर कुचल देंगे !’

इसे कहते हैं उल्टा चोर कोतवाल को डांटे ! चीन भारत सहित अनेक देशों पर दबाव निर्माण कर वैश्विक महाशक्ति बनने का प्रयास कर रहा है । चीन का यह प्रयास ही विश्व को संघठित होकर कुचलने की आवश्यकता है !

कडाके की ठंड के कारण स्वास्थ्य बिगड़ने से चीन ने लद्दाख सीमा पर नियुक्त ९० प्रतिशत सैनिकों को वापस बुलाया !

बीजिंग – कडाके की ठंड के कारण स्वास्थ्य बिगडने से चीन ने लद्दाख सीमा पर नियुक्त ९० प्रतिशत सैनिकों को वापस बुलाया है । पिछले वर्ष गलवान घाटी में संघर्ष के बाद चीन ने यहां ५० सहस्र से अधिक सैनिक तैनात किए थे ।