गढ-दुर्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए ६ मास के उपरांत समिति की स्थापना !

श्री. अजय केळकर, कोल्हापुर

विशालगड

कोल्हापुर- राज्य के समस्त गढ-दुर्गों के संदर्भ में शासन ने एक आदेश निर्गत किया था, जिसके अंतर्गत सभी गढ-दुर्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में एक समिति नियुक्त करने का परिपत्रक शासन ने जनवरी मास में प्रसारित किया था । इस पर कार्यवाही करते हुए पूर्ण ६ मास के उपरांत कोल्हापुर जिला प्रशासन ने समिति की स्थापना की है । जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली इस १४ सदस्यीय समिति में १० सदस्य प्रशासनिक अधिकारी हैं तथा ४ सदस्य अशासकीय हैं । निवासी उपजिलाधिकारी को इसका सचिव पद प्रदान किया गया है ।

इन ४ सदस्यों में ‘कोल्हापुर हिल रायहर्स फाउंडेशन’ के श्री प्रमोद पाटिल एवं श्री. राम यादव, गडहिंग्लज के ‘दुर्गवीर प्रतिष्ठान’ के श्री. संतोष हासूरकर, तथा कोल्हापुर के मोडी लिपि अध्येता श्री. अमित अडसूळ सम्मिलित हैं ।

१. वास्तव में इस समिति को ३१ मई तक कालबद्ध पद्धति से अतिक्रमण हटाने का कार्य करना था तथा समय-समय पर किए गए कार्यों का प्रतिवेदन (रिपोर्ट) शासन को प्रस्तुत करना था ; किंतु जुलाई मास में इस समिति का गठन हुआ है । अब इस समिति की बैठक होगी । इसके पश्चात अतिक्रमण पर चर्चा होकर प्रत्यक्ष कार्रवाई की जाएगी ।

२. इस संदर्भ में हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट ने कहा, ‘‘१४ सदस्यीय समिति में १० सदस्य शासकीय अधिकारी हैं । वस्तुतः गढ-दुर्गों के लिए जो संगठन प्रत्यक्ष रूप से कार्य करते हैं, ऐसे सदस्यों की संख्या अधिक होना अपेक्षित था । अशासकीय सदस्यों में जो गढ-दुर्गों के संदर्भ में वास्तव में अनेक वर्षों से अनथक परिश्रम कर कार्य कर रहे हैं, ऐसे सदस्यों की नियुक्ति हुई होती, तो वह अधिक न्यायसंगत होता । अब इस समिति को अविलंब बैठकें आयोजित कर गढ-दुर्गों के संदर्भ में अतिक्रमण हटाने का कार्य करना चाहिए तथा शिवप्रेमियों को आश्वस्त करना चाहिए ।’’

दैनिक ‘सनातन प्रभात’ ने समस्या को उजागर किया !

इस अतिक्रमण की समस्या को दैनिक ‘सनातन प्रभात’ ने प्रकाशित किया । दैनिक ‘सनातन प्रभात’ में इस संदर्भ के समाचार समय-समय पर प्रकाशित किए गए थे । पालकमंत्री की पत्रकार वार्ता में ऐसी किसी समिति का गठन न होने की बात दैनिक ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि ने ध्यान में लाई थी ।

कोल्हापुर जिले में प्रक्षिप्त (पंजीकृत) गढ

१. भारतीय पुरातत्व विभाग के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत : पन्हाळगढ

२. राज्य संरक्षित गढ-दुर्ग : विशाळगढ, भुदरगढ तथा रांगणा

३. राज्य संरक्षित करने हेतु प्राथमिक अधिसूचना प्रकाशित हुए गढ : पारगढ, कलानंदीगढ, गगनगढ, सामानगढ एवं पावनगढ

४. असंरक्षित स्मारक-गढ : मुडागढ, गंधर्वगढ तथा महिपालगढ

जिले के राज्य संरक्षित स्मारक :

संपादकीय भूमिका

‘सरकारी काम तथा ६ मास का विराम’ इस लोकोक्ति को चरितार्थ करने वाला उदाहरण ! आदेश देने के पश्चात संबंधित प्रशासनिक अधिकारी क्या निद्रामग्न थे ? उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी ही चाहिए !