कोरोना काल में तबलीगी जमात से संबंधित समाचार धर्म विरोधी थे, इसलिए, देश का नाम मलिन हो सकता है  ! – सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से पूछा, ‘क्या समाचार जालस्थल (न्यूज वेबसाइट्स) एवं समाचार वाहिनियों के लिए कोई नियामक नियंत्रण तंत्र है ?

उच्चतम न्यायालय के ९ न्यायाधीशों ने एक ही समय पर शपथ ली !

पहली बार ही इतना बडा शपथ ग्रहण समारोह हुआ । इन ९ न्यायाधीशों में ३ महिला न्यायाधीश सम्मिलित हैं ।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता सम्मानित

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ने गंगा नदी के रक्षणार्थ कार्य किया । इसलिए उन्हें ‘उत्तर प्रदेश रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया ।

जनप्रतिनिधियों का विधिमंडल में आचरण और न्यायसंस्था की सजगता !

हाल ही में महाराष्ट्र में दो दिवसीय वर्षाकालीन अधिवेशन हुआ । सभापति को गालियां देना और धमकियां देना आदि घटनाएं घटित हुईं । इसलिए सभापति ने विरोधी दल के १२ विधायकों की सदस्यता एक वर्ष के लिए निलंबित की ।

‘स्वतंत्रता दिवस’ के उपलक्ष्य में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा राष्ट्रध्वज का सम्मान करने के संदर्भ में जागरुकता !

१५ अगस्त के दिन प्लास्टिक एवं कागज के झंडे के प्रयोग से राष्ट्रध्वज का होनेवाला अनादर रोकने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने तथा समाज में इस संदर्भ में जागृति लाने के लिए ‘राष्ट्र्रध्वज का सम्मान करें !’

आजीवन कारावास की सजा काट रहे कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को जमानत के लिए स्वास्थ्य रिपोर्ट प्रस्तुत करने का उच्चतम न्यायालय का आदेश

आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी को जमानत किस लिए ? इसके विपरीत सहस्रों नागरिकों की हत्या करने वाले को तो फांसी की सजा होनी चाहिए थी !

‘यदि त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं है, तो पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत यौन उत्पीडन अपराध नहीं है’, यह मुंबई उच्च न्यायालय का निर्णय परिवर्तित करें !

एक वर्ष में इतनी बडी संख्या में छोटी युवतियों का होने वाला यौन शोषण भारत के लिए लज्जाजनक है !

काम पर रहते समय दाढी बढा़ने की मांग करने वाले मुसलमान पुलिस की याचिका उच्च न्यायालय ने नकार दी।

आमतौर पर भारत को धर्मनिरपेक्ष देश कहने वाले, हिन्दुओं का विरोध करने वाले निधर्मी और आधुनिकतावादी ऐसे पुलिस के विरोध में क्यों नहीं बोलते ?

ज्ञानवापी मस्जिद में दी जाए पूजा की अनुमति ! – दीवानी न्यायालय में ५ महिलाओं ने प्रविष्ट की याचिका

यह गर्व की बात है कि ५ हिन्दू महिलाओं ने ऐसी मांग करने का साहस दिखाया । भारत में जन्में हिन्दुओं को इससे सीख लेनी चाहिए !

‘पिंजरे के तोते’ (सी.बी.आई.) को बेडि़यों से मुक्त करें ! – मद्रास उच्च न्यायालय की ओर से केंद्र सरकार को आदेश

मद्रास उच्च न्यायालय ने केंद्रीय जांच विभाग को अर्थात सी.बी.आई. को ‘पिंजरे का तोता’ कहते हुए ‘इस तोते’ को (सी.बी.आई.को) केंद्र सरकार को उसकी बेडि़यों से मुक्त करना चाहिए’, ऐसा आदेश दिया है ।