अपनी ही अवयस्क पुत्री पर बलात्कार करने वाले धर्मांध को मृत्यु दंड !
ऐसे वासनांध धर्मांधों को यही दंड उचित है !
ऐसे वासनांध धर्मांधों को यही दंड उचित है !
मंदिर के पुनर्निर्माण में कठिनाई उत्पन्न करने के कारण दंड का भुगतान !
अब १२३ अन्य धर्मांध आरोपियों ने भी उनके दंड का भुगतान करने की मांग की !
न्यायालय ने निर्देश दिया कि ‘परमबीर सिंह जांच में सहयोग करें ।’ विगत सुनवाई के समय न्यायालय ने सिंह के अधिवक्ताओं से पूछा था, ‘वास्तव में परमबीर सिंह कहां हैं ?’ इस पर यह जानकारी अधिवक्ताओं ने दी ।
इसके पूर्व, सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक बार तथा विविध उच्च न्यायालयों ने सरकार को विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, देश में समान नागरिक कानून लागू करने का परामर्श दिया है ; परंतु, यह लज्जाजनक बात है, कि अब तक एक भी दल की सरकार ने समान नागरिक कानून बनाने का प्रयास नहीं किया है ।
सर्वाेच्च न्यायालय का अधिवक्ताओं को आदेश
सर्वाेच्च न्यायालय ने कहा है कि स्पर्श कपडों के उपर से है अथवा स्कीन टू स्कीन (शरीर का शरीर से सीधा स्पर्श होना) इस पर ही हम मंथन करते बैठे, तो उससे पॉक्सो कानून का मूल उद्देश्य ही बाजू में हो जाएगा ।
ग्रीस का न्यायालय यदि इस प्रकार का निर्णय दे सकता है, तो भारत सरकार को भी ऐसा निर्णय लेना चाहिए ! साथ ही ‘हलाल’ प्रमाणपत्रों पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए ! – संपादक
मद्रास उच्च न्यायालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि ‘मंदिर का स्वर्ण पिघलाने संबंधी निर्णय लेने का अधिकार केवल विश्वस्तों को है ।’ इस पर राज्य सरकार ने न्यायालय को लिखित आश्वासन दिया है कि ‘विश्वस्त की नियुक्ति की जाएगी ।’
१५ अक्टूबर को सभी समाचारपत्रों और जालस्थलों पर ऐसा समाचार था कि ‘महाराष्ट्र राज्य के गृहनिर्माणमंत्री तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता जितेंद्र आव्हाड को सवा वर्ष पूर्व ठाणे के अभियंता अनंत करमुसे से की गई मारपीट के प्रकरण में गिरफ्तार किया गया ।
सीमा पर वर्ष १९६२ समान युद्ध स्थिति नहीं होने देंगे, ऐसा केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में बताया । चीन सीमा पर भारतीय सेना के लिए चालू मूलभूत सुविधाओं के निर्माण के विरोध में पर्यावरण के प्रश्न पर प्रविष्ट की गई याचिका पर सरकार ने न्यायालय में स्वयं की स्थिति को रखते हुए उपर्युक्त सूत्र रखे ।