
नई देहली – केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि ‘कॉलेजियम’ की अनुमति न मिलने से देश के उच्च न्यायालय में न्यायमूर्तियों के २१६ पद रिक्त हैं । कॉलेजियम एक सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय द्वारा विकसित की गई प्रणाली है । वह न्यायमूर्तियों की नियुक्ति एवं स्थानांतर से संबंधित है ।

१. रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि उच्च न्यायालय में १ सहस्र ११४ न्यायमूर्तियों के पद सम्मत किए गए हैं । उनमें से केवल ७८० पद भरे हैं तथा ३३४ पद रिक्त हैं । इस भर्ती के लिए उच्च न्यायालय कॉलेजियम की ११८ अनुशंसाएं चरण-दर-चरण होंगी तथा शेष २१६ रिक्त पदों के लिए सरकार को अभी तक अनुशंसाएं प्राप्त नहीं हुई हैं ।
(सौजन्य : Editorji Hindi)
२. किरेन रिजिजू ने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के पदों की भरती के लिए सरकार प्रयत्नरत है, इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है तथा उसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडे वर्ग, अल्पसंख्यक एवं महिलाओं में से उचित उम्मीदवार का विचार करने का आवाहन किया गया है । २१६ रिक्त पदों के लिए सरकार को अभी भी कॉलेजियम की अनुशंसाएं नहीं मिली हैं । सर्वोच्च न्यायालय में एक भी पद रिक्त नहीं है ।
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