कनाडा के खालिस्तानी आतंकियों को भारत के गुंडों से मिले करोडो रुपए
इन खालिस्तानियों को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए अब भारत को दृढ निश्चय कर लेना चाहिए !
इन खालिस्तानियों को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने के लिए अब भारत को दृढ निश्चय कर लेना चाहिए !
भारत सरकार ने गत वर्ष सशस्त्र दलों में भर्ती होने के लिए ‘अग्निवीर’ नामक योजना कार्यान्वित की थी । इस योजना का तब बहुत विरोध हुआ था; परंतु सरकार ने इस विरोध की उपेक्षा कर यह योजना कार्यान्वित की ।
‘सिख फॉर जस्टिस’, खलिस्तानी आतंकी संगठन के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू की संपत्ति अधिग्रहित (जब्त)करने के उपरांत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एन.आई.ए.) ने अब भागे (फरार) हुए अन्य खलिस्तानी आतंकवादियों की सूची बनाई है । इसमें १९ आतंकवादी समाविष्ट हैं ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २४ सितंबर को ‘वीडियो कॉन्फरेंस´ द्वारा ९ नई ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ रेल गाडियों को हरी झंडी दिखाई । ये रेलगाडियां देश के राज्यों बिहार, बंगाल, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, केरल एवं तमिलनाडु में चलेंगी ।
भारतीय विद्यार्थी विदेशी वैद्यकीय शिक्षा और युनायटेड स्टेट्स वैद्यकीय लाइसेन्स परीक्षा की अर्जी कर सकते हैं । उसी प्रकार विदेशी विद्यार्थियों को भी भारत में आकर एम.बी.बी.एस. का अध्ययन करने मिलेगा ।
हरदीप सिंह निज्जर और उसकी टोली ने कैनडा के गुरुद्वारों को अपने नियंत्रण में ले लिया था । उन गुरुद्वारों से मिलनेवाला पूरा पैसा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो के पक्ष को जाता था । ऐसा आरोप पंजाब के कांग्रेसी संसद रवनीत सिंह बिट्टू ने किया है |
कांग्रेस ने ‘धर्मनिरपेक्ष’ एवं ‘समाजवाद’ ये दो शब्द संविधान में घुसेडने पर हिन्दुओं पर अन्याय हुआ और इसी प्रावधान के कारण अल्पसंख्यक फले-फूले । राष्ट्रप्रेमियों और धर्मप्रेमियों को लगता है कि संविधान से ये शब्द निकाल फेंकने के लिए सरकार को प्रयत्न करना चाहिए ।
कैनडा ने भारत के विरोध में एकप्रकार से युद्ध ही छेड दिया है । अब भारत को इस युद्ध में कैनडा का पराभव कर उसकी विश्वभर में अपकीर्ति हो, ऐसे प्रयत्न करने चाहिए !
१ अक्टूबर ,२०२३ से जन्म प्रमाणपत्र के विषय में (बर्थ सर्टिफिकेट के विषय में) नया नियम लागू होने वाला है । इस नए नियमानुसार जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर विद्यालय में प्रवेश से लेकर वाहनचालक लाइसेंस, सरकारी नौकरी, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, वीजा, विवाह पंजीकरण इत्यादि कागजपत्र बनवाना संभव होने वाला है ।
गुनहगार जनप्रतिनिधि जनता क्या कभी कानून का शासन दे पाएंगे ? ऐसे लोगों को चुनाव में खडे रहने का अवसर देना, अर्थात समाज में अराजक फैलाने की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) देने समान है ! यह लोकतंत्र का पराभव है !