५० प्रतिशत सैनिक ४ वर्षों उपरांत हो सकते हैं कायम (परमानेंट) !

नई देहली – भारत सरकार ने गत वर्ष सशस्त्र दलों में भर्ती होने के लिए ‘अग्निवीर’ नामक योजना कार्यान्वित की थी । इस योजना का तब बहुत विरोध हुआ था; परंतु सरकार ने इस विरोध की उपेक्षा कर यह योजना कार्यान्वित की । वरिष्ठ सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस योजना के अंतर्गत पहली टुकडी को भर्ती हुए अब एक वर्ष हो गया है और इस योजना में अब महत्त्वपूर्ण परिवर्तन किया जा रहा है । बताया जा रहा है कि इस योजना से भर्ती हुए युवकों में से अब ५० प्रतिशत युवक कायम किए जाएंगे । मूल योजनानुसार जो केवल २५ प्रतिशत था । इसके साथ ही शेष ७५ प्रतिशत युवकों को एक विशिष्ट धनराशि देकर निवृत्ति दी जानेवाली थी । यदि यह परिवर्तन कार्यान्वित हो गया, तो ५० प्रतिशत युवकों को कायम किया जाएगा और शेष ५० प्रतिशत को निवृत्ति दी जाएगी ।
Reportedly, the Agniveer scheme is likely to undergo changes.
50% Agniveers to be retained: SOURCES
Listen in as @Shivani703 joins @kritsween with more details on this. pic.twitter.com/znfDYaF2ox
— TIMES NOW (@TimesNow) July 9, 2023
१. यह योजना नौदल, हवाईदल एवं भूदल, इन तीनों दलों के लिए होगी; परंतु इस संदर्भ में सरकार ने अब तक अधिकृतरूप से कुछ भी घोषित नहीं किया है । तब भी इस संदर्भ में संरक्षण विभाग के अधिकारियों की पहली बैठक होने की जानकारी मिली है ।
२. नौदल एवं हवाईदल में अधिकांश सैनिक तांत्रिक (टेक्निकल) काम करते हैं । सेना में भी सैनिकों को अनेक विभागों में तांत्रिक काम करने पडते हैं । इसलिए सरकार भर्ती हुए सैनिकों में से ५० प्रतिशत तक को कायम करने का विचार कर रही है ।
३. पहली टुकडी को भर्ती हुए एक वर्ष पूर्ण हो गया है । इसलिए शीघ्र ही इस संदर्भ में सरकार के निर्णय लेने की संभावना है ।
अब शत्रु की मिसाइलें हवा में ही नष्ट होंगी !
UP Bulldozer Action : श्री चामुण्डा मन्दिर की भूमि पर से धार्मिक स्थल का अतिक्रमण हटाया गया !
विशेष जांच दल द्वारा अन्वेषण करें ! – श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास की मांग
Mamata Banerjee FIR : बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत !
Tukaram Mundhe Action : अस्पताल से ही औषधियां खरीदने की अनिवार्यता होने पर कार्यवाही होगी
ईश्वरपुर (जिला-सांगली) यात्री वाहनस्थानक पर अपर्याप्त प्लेटफार्म के कारण यात्रियों की असुविधा !