गाय के गोबर से बने मिथेन पर ट्रैक्टर चलेगा !
गाय का महत्त्व अब विदेश में भी सिद्ध होने लगा है । यह ध्यान में लेते हुए भारत सरकार गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाकर गोधन संवर्धन के लिए कदम उठाएगी क्या ?
गाय का महत्त्व अब विदेश में भी सिद्ध होने लगा है । यह ध्यान में लेते हुए भारत सरकार गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाकर गोधन संवर्धन के लिए कदम उठाएगी क्या ?
ब्रिटेन के राजपरिवार के राजकुमार प्रिंस हैरी ने ‘स्पेयर’ नाम से जीवन चरित्र लिखा है । जिसमें उन्होंने अपने बडे भाई राजकुमार विलियम पर आरोप लगाए हैं । इसमें राजकुमार विलियम ने मारपीट करने का भी आरोप लगाया है ।
फ्रांस में ‘शार्ली हेब्दो’ इस दैनिक वृत्तपत्र ने मोहम्मद पैगंबर के व्यंगचित्र (कार्टून) के उपरांत अब ईरान के प्रमुख नेता अयातुल्ला अली खामेनी का कार्टून प्रकाशित किया है । इस कारण संतप्त ईरान ने उसके देश में फ्रांस के राजदूत से उत्तर मांगा है ।
यदि विश्व में एक ही शक्ति का वर्चस्व निर्माण हुआ, तो कोई भी क्षेत्र स्थिर नहीं होगा, ऐसा विधान भारत के विदेशमंत्री एस. जयशंकर ने यहां के ‘डाई प्रेस’ इस दैनिक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में किया ।
जनता की अपेक्षा है कि भारत आतंकवादियों के भर्ती केंद्र एवं ठिकानों को नष्ट करके भारत तथा कुछ सीमा में पूरे विश्व को आतंकवाद मुक्त करने के लिए कदम उठाए !
‘फिफा’ विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में फ्रांस द्वारा मोरक्को को २-० से पराजित करने के पश्चात बेल्जियम में हिंसा भडक उठी । मोरक्को टीम के १०० से अधिक प्रशंसकों ने ब्रुसेल्स में दंगा नियंत्रण विभाग के पुलिस पर आक्रमण किया ।
कतर में चल रही फुटबाल विश्वकप प्रतियोगिता में मोरोक्को और बेल्जियम के बीच मैच में मोरोक्को ने बेल्जियम को परास्त करने के उपरांत बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में हिंसा हुई ।
कर्नाटक की शैक्षणिक संस्थाओं में हिजाब पर बंदी लगाई गई है । इस पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अंतिम निर्णय देनेवाले हैं । दूसरी ओर यूरोपियन यूनियन के सर्वोच्च न्यायालय ने दिए एक निर्णय के आधार पर यूरोप की आस्थापनें हिजाब पर बंदी लगा सकती हैं ।
पोप फ्रांसिस ने कहा कि यह युद्ध अब गंभीर, विनाशकारी और धोकादायक हो गया है । इसका परिणाम केवल इन देशों पर ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व पर हो रहा है ।
अब अनेक यूरोपीय देशों ने अनुभव किया कि मुसलमानों की आपराधिक प्रवृत्ति के कारण उन्हें क्या भुगतना पड़ रहा है , उन्हें यह भली भांति विदित हो चुका है एवं इसी कारण वे ऎसा निर्णय ले रहे हैं । ये वही यूरोपीय देश हैं जो भारत को धर्मनिरपेक्ष की दवा पिला कर परामर्श देते थे कि मुसलमानों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाय ! ध्यान दें कि कश्मीर में मुसलमानों द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के संबंध में ये देश सदा चुप रहे हैं !