ईरान ने मिसाइलों पर ‘Thank You India’ लिखकर उन्हें इजरायल पर दागा !

भारतीय मुसलमानों द्वारा किए गए सहयोग के लिए व्यक्त की कृतज्ञता !

(और इनकी सुनिए …) ‘पाकिस्तान कतर नहीं है, यह इजरायल ध्यान रखे !’ – Pakistan

तेहरान (ईरान) में पाकिस्तान के दूतावास के पास आक्रमण किए जाने के विषय में पाकिस्तान की इजरायल को गिदडभभकी !

Hormuz Strait : हॉर्मुज जलडमरूमध्य भारत की नौकाओं के लिए खुली रहेगी ! – ईरान

भारत, ईरान के पांच सबसे प्रिय मित्र देशों में से एक है तथा भारतीय जहाजों को हॉर्मुज़ मार्ग से सुरक्षित आवागमन की अनुमति दी गई है ।

Qatar Iran Deal : कतर ने अमेरिका का साथ छोडते हुए ईरान के साथ किया गुप्त समझौता !

एक विज्ञप्ति में कतर ने अमेरिका एवं ईरान के मध्य मध्यस्थता न करने की घोषणा की है । इसके कारण ही २० मार्च से ईरान ने कतर पर कोई भी आक्रमण नहीं किया है ।

हिंदू नववर्ष के अवसर पर ‘आक्रामक विदेश नीति’ का संकल्प करें !

कतर जैसे खाड़ी देश में ८ भारतीयों को हुई मृत्युदंड की शिक्षा निरस्त करवाकर उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाना , अमेरिका के साथ चल रहे कर-युद्ध जैसे अनेकविध प्रसंगों में भारतीयों ने विदेश नीति की झलक अनुभव की ।

हमारा संयम समाप्त होता जा रहा है ! – Saudi Arabia

ईरान ने सऊदी अरब की समरेफ रिफाइनरी को लक्ष्य बनाकर उस पर आक्रमण किया । इस पृष्ठभूमि पर सऊदी अरब ने ईरान को यह चेतावनी दी है ।

India-Bangladesh Friendship Pipeline : अप्रैल मास तक भारत बांग्लादेश को लगभग साढे पांच करोड लीटर ईंधन की आपूर्ति करेगा !

विगत कुछ वर्षों में बांग्लादेश ने निरंतर भारत-विरोधी भूमिका अपनाई, साथ ही वहां के हिन्दुओं को चुन-चुनकर मौत के घाट उतारा । ऐसी स्थिति में उसे सहायता प्रदान करना क्या आत्मघाती सिद्ध नहीं होगा ?

Bangladesh Army General Visit : बांग्लादेश के गुप्तचर विभाग के प्रमुख की भारत की गोपनीय यात्रा

​अजित डोवाल से की भेंट ।
​भारत एवं बांग्लादेश के मध्य संबंधों को सुधारने का प्रयास ।

US-IRAN WAR : युद्ध रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति की ओर से लगाई गईं ३ शर्तें !

अमेरिका एवं इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए आक्रमण के कारण पिछले १३ दिन से चल रहा युद्ध रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ३ शर्तें रखी हैं ।

यदि अमेरिका ने भूमि पर से (जमीनी) आक्रमण किया तो उसे भारी कीमत चुकानी पडेगी ! – Iran Warns America

अराघची ने आगे कहा कि हमें विश्वास है कि हम अमेरिका का सामना करेंगे एवं यह उसके लिए बडा संकट प्रमाणित होगा । हम उसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं । इसका अर्थ यह नहीं कि हम युद्ध जारी रखने के लिए यह कह रहे हैं, परंतु हम किसी भी परिस्थिति, किसी भी चुनौती एवं किसी भी संभावना का सामना करने के लिए तैयार हैं ।