जिन्हें भारत की वास्तविक जानकारी नहीं होती, वही ऐसे प्रश्न पूछते हैं ! – भारत का करारा उत्तर
ऐसे प्रश्न विदेशी पत्रकार कभी डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका या शी जिनपिंग के चीन से पूछने का साहस क्यों नहीं करते ? उस समय उन्हें किस बात का भय होता है ?
ऐसे प्रश्न विदेशी पत्रकार कभी डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका या शी जिनपिंग के चीन से पूछने का साहस क्यों नहीं करते ? उस समय उन्हें किस बात का भय होता है ?
वे आगे बोले कि, ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई एवं ईरानी बंदरों पर लगातार नाकाबंदी से स्थिति अधिक बिगड रही है ।
अमेरिका द्वारा इन विमानों को लक्ष्य न बनाया जाए, इसलिए पाकिस्तान ने ईरान की सहायता की थी, ऐसी जानकारी सामने आई है ।
सुरक्षा कारणों से लिए गए इस निर्णय के कारण पाकिस्तान के राजनीतिक क्षेत्र में बडी खलबली मची है ।
अमेरिकी नाकाबंदी के उपरांत भी एक चीनी तेल टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया । नाकाबंदी लागू होने के उपरांत ऐसा करनेवाला यह पहला जहाज है । इस जहाज में लगभग ढाई लाख बैरल मेथनॉल था, जो यूएई के हमरिया बंदरगाह से लादा गया था ।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने यह चेतावनी दी है कि चीन ने यदि ईरान को हथियारों की आपूर्ति की, तो उसे बडी समस्याओं का सामना करना पडेगा ।
शनि एवं मंगल का आमना-सामना भीषण रक्तपात करा सकता है ।
परमाणु बम के उपयोग की संभावना जताई जा रही है ।
भारतीय मुसलमानों द्वारा किए गए सहयोग के लिए व्यक्त की कृतज्ञता !
तेहरान (ईरान) में पाकिस्तान के दूतावास के पास आक्रमण किए जाने के विषय में पाकिस्तान की इजरायल को गिदडभभकी !
भारत, ईरान के पांच सबसे प्रिय मित्र देशों में से एक है तथा भारतीय जहाजों को हॉर्मुज़ मार्ग से सुरक्षित आवागमन की अनुमति दी गई है ।