प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) स्थित प्राचीन शिवमंदिर के शिवलिंग पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने रखा अंडा !

यहां के शिवकुटी क्षेत्र के कोटेश्वर शिवमंदिर के शिवलिंग पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा अंडा रखने की घटना उजागर हुई है । इसके साथ उसका छायाचित्र खींचकर उसे सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित किया गया है । इस कारण स्थानीय हिन्दुओं द्वारा रोष व्यक्त किया जा रहा है ।

संतों की चेतावनी के पश्चात ताजमहल स्थित आर्ट गैलरी में शौचालय के निकट लगा भगवान श्रीकृष्ण का चित्र हटाया गया !

ताजमहल के ‘रायल गेट’ स्थित एक आर्टगैलरी के शौचालय के निकट लगा भगवान श्रीकृष्ण का चित्र हटाया गया है । संत मत्स्येंद्र गोस्वामीजी की मांग के पश्चात उसे हटाया गया । चित्र न हटाने पर उन्होंने भूख हडताल करने की चेतावनी देते हुए एक वीडियो प्रसारित कर यह मांग की थी ।

पंजाब में एक सिख युवक ने भगवान शिव और देवी पार्वती की मूर्तियों पर रखी चप्पल !

वर्तमान में सिख समाज ‘सिख’ को भिन्न धर्म मानता हैं; परंतु, वास्तव में वह हिन्दू धर्म का ही एक हिस्सा है । भारत में खलिस्तानवाद तीव्रता से बढने पर सिखों द्वारा हिन्दुओं का द्वेष करना, उनके श्रद्धास्थानों पर आघात करने, जैसे प्रकरण बढ गए हैं ।

फतेहाबाद (हरियाणा) के ‘सेंट मेरी पब्लिक स्कूल’ एवं ‘डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल’ के रामलीला के कार्यक्रम में श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीतामाता का घृणास्पद अनादर

क्या ये विद्यालय कभी अन्य पंथियों के आस्थाकेंद्रों का अनादर करने का साहस दिखाते ? – संपादक

फतेहाबाद (हरियाणा) के सेंट मेरी पब्लिक स्कूल एवं डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल के रामलीला के कार्यक्रम में श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीतामाता का घृणास्पद अनादर

हिन्दूबहुल भारत में हिन्दुओं के आस्था के केंद्रों का बार-बार घृणास्पद अनादर कर भी सरकार, पुलिस और प्रशासन उसका सामान्य संज्ञान भी नहीं लेते, यह हिन्दुओं के लिए लज्जाप्रद ! इस स्थिति को बदलने हेतु अब हिन्दु राष्ट्र के बिना अन्य कोई विकल्प नहीं !

अभिव्यक्ति की तुलना में धार्मिकता महत्त्वपूर्ण !

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में कहा कि ‘धार्मिक भावना, प्रतीक, श्रद्धाकेंद्रों का सम्मान करना आवश्यक है, वहां अभिव्यक्ति स्वतंत्रता लागू नहीं होती ।’

हिन्दुत्वनिष्ठों के विरोध उपरांत अंततः ‘रावण लीला’ फिल्म का नाम परिवर्तित !

इस चलचित्र के ‘ट्रेलर’ में रावण और श्रीराम की भूमिका निभानेवाले कलाकारों के संवादों द्वारा रावण का अच्छा पक्ष प्रस्तुत करने का, साथ ही ‘उसके द्वारा किए गए कार्य किस प्रकार उचित थे’, यह दर्शाने का प्रयास किया गया है ।

कोलकाता में धर्मद्रोही हिन्दू चित्रकार द्वारा हिजाब धारण किए हुए श्री दुर्गादेवी का चित्र बनाकर घोर अपमान !

हिन्दुओं को धर्मशिक्षा न होने से और उनमें धर्माभिमान न होने से वे इस प्रकार के काम करते हैं, यह हिन्दुओं के लिए लज्जास्पद ! हिन्दू राष्ट्र में प्रत्येक हिन्दू को धर्मशिक्षा दी जाएगी ! – संपादक

‘मंगलम् कपूर’ के विज्ञापन में प्रभु श्रीरामका अपमान !

हिन्दुओं में धर्माभिमान न होने के कारण इस प्रकार विविध माध्यमों से हिन्दुओं के देवताओं का अपमान किया जाता है ! – संपादक

‘रावण लीला’ चलचित्र के निर्माताओं को मानहानि का नोटीस; बिना शर्त क्षमा मांगने की मांग !

हिन्दुओं की धर्मभावना आहते करनेवाले इस चलचित्र (फिल्म) के निर्माता, निर्देशक, कलाकार इत्यादि पर कठोर कार्यवाही की जाएं तथा ऐसे चलचित्र बनाने में कौन पैसा व्यय कर रहा है, यह सत्य हिन्दुओं के सामने लाना आवश्यक है !