रत्नागिरि में हिन्दु जनजागृति समिति द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता

रत्नागिरि – हिन्दवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपती शिवाजी महाराज के सिंधुदुर्ग किले पर स्थित ‘श्री शिवराजेश्वर मंदिर’ के लिए ५५ वर्षों के उपरांत शासन ने वार्षिक अनुदान ३,००० रुपये से बढाकर १ लाख रुपये किया । तथापि यह अनुदान भी क्रूर आक्रमणकारी औरंगजेब की कब्र की देखभाल के व्ययकी तुलना में अत्यल्प है । औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए प्रति वर्ष २,५५,१६० रुपये (वर्ष २०२२-२३ ) दिए जा रहे हैं, इसके विरुद्ध महाराष्ट्र के इस पूज्य देवता के लिए मात्र १ लाख रुपये रखे गए हैं; यह अत्यन्त निन्दनीय एवं दुखद है । यह छत्रपती शिवराय का भीषण अपमान है ।


उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महसूल विभाग के प्रधान सचिवों को महाराज के मंदिर को प्रत्येक माह ५०,००० रुपये देने के निर्देश दिए थे; तो यह अनुदान कैसे इतना अत्यल्प हो गया ? प्रशासनिक अधिकारियों के लिखित परिपत्रकों में क्या छत्रपती शिवराय का मूल्य औरंगजेब से अल्प आंका गया है ? ऐसा संतापयुक्त प्रश्न हिन्दु जनजागृति समिति के जिला समन्वयक श्री गोविंद भारद्वाज ने पत्रकार वार्ता में उठाया ।
रत्नागिरि में हुई इस बैठक में शिवचरित्र कथाकार श्री अरविंद बारस्कर, ‘गड किल्ले संवर्धन प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र राज्य’ के रत्नागिरि विभाग प्रमुख श्री मयूर भितळे, ‘गड किल्ले संवर्धन प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र राज्य’ के जिलाध्यक्ष श्री दीपेश वारंग, वकील अमित काटे, ‘श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान’ के श्री सोहम खानविलकर, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के राज्य समन्वयक श्री संजय जोशी सहित गणमान्य उपस्थिति थे । गत अनेक वर्षों से हिन्दु जनजागृति समिति, हिन्दु विधिज्ञ परिषद एवं शिवप्रेमी इस अनुदान में वृद्धि करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं ।
🚩 Funds allocated for the only temple of Chhatrapati Shivaji Maharaj in Sindhudurg are even less than those given to Aurangzeb’s tomb@HinduJagrutiOrg held a press conference in Ratnagiri demanding:
❌ Stop funding Aurangzeb’s tomb immediately👉 When will the neglect of the… pic.twitter.com/QCNAJEfTd9
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) May 23, 2026
क्रूर आक्रमणकारी औरंगजेब की कब्र के लिए दिया जाने वाला अनुदान त्वरितबंद किया जाए! – संजय जोशी, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ
मात्र नाम के लिए ‘छत्रपती शिवराय’ कहते हुए निधर्मियों के पक्ष में ढोलक बजानेवाली अनेक सरकारें पहले भी आईं; पर किसी ने कुछ नहीं किया । वर्तमान हिन्दुत्ववादी सरकार छत्रपती शिवरायों के विचारों वाली सरकार है । इसलिए इस अनुदान में वृद्धि का निर्णय लिया गया । यह प्रशंसनीय निर्णय है; पर यह बढाया गया अनुदान भी अपर्याप्त है, यह हम सरकार के संज्ञान में लाना चाहते हैं । महाराज के मंदिर की उपेक्षा करने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध त्वरित कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए । साथ ही महाराष्ट्र पर आक्रमण कर भीषण अनाचार व अत्याचार करने वाले औरंगजेब की कब्र के लिए दिया जाने वाला अनुदान त्वरितबंद कर उस राशि को शिवकार्य के लिए लगाया जाए, ऐसी भी हमारी मांग है ।
🚨How long will the only temple of Chhatrapati Shivaji Maharaj continue to face neglect?
🎙️ Speaker: Shri. Sunil Ghanwat (@SG_HJS)
State Coordinator, Maharashtra & Chhattisgarh
Hindu Janajagruti Samiti🚩 The warrior who protected Dharma and Swarajya deserves honour and not… pic.twitter.com/zSwNdGOArV
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) May 23, 2026
छत्रपती शिवाजी महाराज के मंदिर के प्रति प्रशासन की उदासीनता कष्टप्रद है ! – दीपेश वारंग, जिलाध्यक्ष, गड किल्ले संवर्धन प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र राज्य
छत्रपती राजाराम महाराज ने स्वयं निर्माण कराए सिंधुदुर्ग किले पर स्थित छत्रपती शिवाजी महाराज के मंदिर को यदि सरकार अपेक्षित अनुदान उपलब्ध नहीं करा रही है, तो इससे बडा महाराष्ट्र का दुर्भाग्य क्या होगा ? जिन महाराजा की युद्धनीति अखंड विश्वमें पढाई एवं सिखाई जाती है, उन छत्रपती शिवाजी महाराजों के मंदिर के प्रति प्रशासन की उदासीनता कष्टप्रद है । हिन्दवी स्वराज्य की स्मृतियां छत्रपती शिवराया के दुर्ग-गढ हैं । उनके संवर्धन का प्रयत्न शिवप्रेमी संगठन कर रहे हैं, उनके दिव्य प्रयत्नों मे सरकार को भी पहल कर सहायता करनी चाहिए तथा आवश्यक अनुदान उपलब्ध कराया जाना चाहिए ।
छत्रपती शिवाजी महाराज के मंदिर के लिए अल्प अनुदान मिलना निन्दनीय है ! – अधिवक्ता अमित काटे, श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान
जिन छत्रपती शिवाजी महाराजों की पराक्रम एवं शौर्य के फलस्वरूप हमारी पहचान हिन्दू के रूप में संरक्षित रही एवं जिनके कारण हिन्दुओं के मंदिर सुरक्षित रहे, उनके मंदिर के लिए सरकार के पास हाथ पसारने की स्थिति होना हृदयविदारक है । एक ओर सरकार छत्रपती शिवराया के समुद्री स्मारक पर करोडों रुपये व्ययकर रही है; किन्तु दूसरी ओर छत्रपती शिवाजी महाराज के मंदिर के लिए शुल्लक अनुदान देना निन्दनीय है । महाराष्ट्र के अनेक स्थानों पर छत्रपती शिवराया की स्मृति में नित्य पूजा-अर्चना होती है । केवल एक हार का वार्षिक व्यय लगभग ३,६०० रुपये आता है । देखभाल, रंगआदि, स्वच्छता आदि के अन्य व्यय होते हैं । अतः सरकार को छत्रपती शिवाजी महाराज के मंदिर के लिए अनुदान बढाना चाहिए, ऐसी हमारी मांग है ।
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