Saptashrungi Temple : सप्तशृंगी गढ स्थित मंदिर के नक्काशी की साढे बाईस किलो चांदी चोरी !

ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष, न्यासी एवं उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण प्रविष्ट !

नासिक – लाखों भक्तों के श्रद्धास्थान सप्तशृंगी गढ स्थित मंदिर के नक्काशी की साढे बाईस किलो चांदी गायब हो गई है । यहां के व्यवस्थापक सुदर्शन दहातोंडे के अवकाश पर होने के समय रात्रि में न्यासियों द्वारा गर्भगृह की चांदी निकालने की बात विभागीय आयुक्त कार्यालय की जांच में संज्ञान में आई है । इस प्रकरण में ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष, न्यासी एवं उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक अभियोग प्रविष्ट किए गए हैं । गायब चांदी की राशि ब्याज सहित वसूल की जाए’, ऐसी मांग सामाजिक कार्यकर्ता विठोबा द्यानद्यान ने जिलाधिकारी से की है । उन्होंने विभागीय आयुक्त के पास भी परिवाद किया है ।

१. गर्भगृह की नक्काशी हेतु पूर्व के अभिलेखों के अनुसार अनुमानतः ४०६ किलो चांदी का प्रयोग किया गया था; किन्तु प्रत्यक्ष गणना में वह ३८३ किलो ७०३ ग्राम ही पाई गई ।

२. अपर आयुक्त (राजस्व) जितेंद्र वाघ ने जांच के आदेश दिए हैं, साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय ने भी सहायक जिलाधिकारी (कलवण), तहसीलदार कलवण अथवा ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी को गहन जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं । ‘इस प्रकरण में आपराधिक अभियोग प्रविष्ट किया जाए’, ऐसी मांग द्यानद्यान ने की थी ।

३. श्रीक्षेत्र त्र्यंबकेश्वर देवस्थान में दर्शन हेतु न्यासियों द्वारा किए गए कालाबाजारी का प्रकरण उजागर हुआ । अतः त्र्यंबकेश्वर की भांति यहां भी जांच करने पर तत्कालीन न्यासियों का बडा अनाचार उजागर होने की संभावना व्यक्त की जा रही है । पूर्व न्यासियों द्वारा अनेक अनुचित कृत्य हुए हैं एवं जांच में वे उजागर होने की संभावना है ।

४. सप्तशृंगी ट्रस्ट ने १५ सितम्बर २०२१ इस दिन प्रस्ताव पारित कर चांदी दिन में निकालने का नियोजन किया था; परन्तु दूसरे ही दिन रात्रि में मूल्यमापक की अनुपस्थिति में गर्भगृह की चांदी उतारी गई । इस सन्दर्भ में ट्रस्ट के व्यवस्थापक दहातोंडे द्वारा अध्यक्ष एवं धर्मादाय आयुक्त को दिया गया पत्र प्रमाण सिद्ध हुआ । इसे मन में रखकर न्यासियों ने दहातोंडे के विरुद्ध षडयंत्र रचकर उन पर ही निलम्बन की कार्यवाही की ।

सत्य बाहर लाने की मांग !

मंदिर की चांदी भक्तों के श्रद्धा की धरोहर है । उसके संरक्षण का दायित्व होनेवालों द्वारा ही यदि अनुचित कृत्य हो रहा है, तो वह समाज हेतु संकटपूर्ण है । इस प्रकरण में सत्य बाहर आना चाहिए । – विठोबा द्यानद्यान, सामाजिक कार्यकर्ता

संपादकीय भूमिका

  • मंदिर सरकारीकरण का दुष्परिणाम ! चांदी गायब करनेवालों को आजीवन कारावास में डालने का ही दण्ड योग्य होगा !
  • हिन्दू ऐसी घटनाओं के विषय में अनभिज्ञ रहते हैं, उन्हें इन प्रकारों के विषय में दुःख भी प्रतीत नहीं होता । इसी कारण ऐसी घटनाएं बढती है तथा धर्महानि होती है । हिन्दुओं को मंदिर सुरक्षित रखने हेतु आगे आना चाहिए !