Hindu Shaurya Puraskar 2026 : पुणे – हिंदुत्व के लिए कार्य करने वाले योद्धाओं का ‘हिन्दू शौर्य’ पुरस्कार से गौरव !

  • अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, इतिहासविद् श्री. पांडुरंग बलकवडे सहित ५ व्यक्तियों को पुरस्कार

  • ‘श्री रामनवमी उत्सव समिति’ की ओर से शोभायात्रा का आयोजन

(बाएं से) सर्वश्री भीमराव तापकीर, पुरस्कार प्राप्तकर्ता श्री. संजय भोसले, श्री. पांडुरंग बलकवडे, अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, श्री. नितिन महाजन तथा श्री. समीर गायकवाड

पुणे, २७ मार्च (वार्ता.) – यहां के धनकवड़ी क्षेत्र में ‘श्री रामनवमी उत्सव समिति, पुणे’ की ओर से ‘शोभायात्रा रामराज्य की’ एवं ‘हिन्दू शौर्य पुरस्कार’ वितरण समारोह का आयोजन किया गया था । इस महोत्सव का यह १३ वां वर्ष है । राजर्षि शाहू बैंक चौक, गुलाबनगर से धनकवड़ी के अंतिम बस स्टेशन तक शोभायात्रा निकाली गई । इसमें श्री रामपंचायतन रथ एवं श्रीराम की पालकी सम्मिलित थी ।

श्रीराम पंचायतन रथ

शोभायात्रा के पश्चात मंच पर ‘हिन्दू शौर्य पुरस्कार’ वितरण समारोह संपन्न हुआ । इस वर्ष हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, वरिष्ठ इतिहास शोधकर्ता श्री. पांडुरंग बलकवडे, ‘महाराष्ट्र गोसेवा आयोग’ के सदस्य एवं ‘अन्नामृत फाउंडेशन पुणे’ के संचालक श्री. संजय भोसले, ‘शनिपार मित्रमंडल’ के अध्यक्ष श्री. समीर गायकवाड, ‘केशव शंखनाद दल’ के संस्थापक अध्यक्ष श्री. नितिन महाजन का भी सम्मान किया गया । शाल, श्रीफल एवं सम्मान-चिह्न पुरस्कार का स्वरूप था ।

पुरस्कार प्रदान करते हुए (बाएं से द्वितीय) सर्वश्री भीमराव तापकीर, (मध्य में) पांडुरंग बलकवडे, अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर, नितिन महाजन

अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर का सम्मान भाजपा के खडकवासला निर्वाचन क्षेत्र के विधायक श्री. भीमराव तापकीर के करकमलों द्वारा किया गया ।

रामराज्य की संकल्पना को प्रत्यक्ष रूप देने हेतु हम निर्दोष हिन्दुओं के पक्ष में न्यायालय में युद्धरत हैं ! – अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर

मार्गदर्शन करते हुए अधिवक्ता श्री. वीरेंद्र इचलकरंजीकर

विगत १२ वर्षों से अनवरत यह उपक्रम चलाने वाले इस मंडल का मैं अभिनंदन करता हूं । रामराज्य की संकल्पना को पूर्ण करने हेतु हम निर्दोष हिन्दुओं की ओर से न्यायालय में संघर्ष करते हैं । उन्हें न्याय दिलाना हमारा कर्तव्य है, साथ ही आजाद मैदान में महिला पुलिसकर्मियों पर हुए आक्रमण के घाव हम अभी तक विस्मृत नहीं कर पाए हैं । उन्हें भी न्याय प्राप्त होना चाहिए । पुलिस प्रशासन को इसके लिए प्रयास करने चाहिए, ऐसा मेरा प्रामाणिक मत है ।

पुरस्कार के मानकी !

उपस्थिति

इस अवसर पर श्री. पांडुरंग बलकवडे को हिंदवी स्वराज्य के इतिहास में उनके योगदान एवं समाजकार्य के गौरव हेतु यह पुरस्कार प्रदान किया गया । ‘इस्कॉन’ के उपाध्यक्ष एवं ‘अन्नामृत फाउंडेशन’ के संचालक श्री. संजय भोसले द्वारा विविध माध्यमों से की जा रही सामाजिक सेवा के लिए उन्हें भी ‘हिन्दू शौर्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया ।

यात्रा के मुख्य आकर्षण !

ढोल-ताशा दल

शोभायात्रा में श्रीराम रथ, ‘रुद्र गर्जना ढोल-ताशा दल’, ‘अमर बैंड’ दल एवं ‘केशव शंखनाद’ दल सम्मिलित थे । इसके साथ ही १०० ढोल-ताशाओं का सामूहिक वादन, रंगोलियों की सज्जा, आकर्षक विद्युत सज्जा, आतिशबाजी एवं ‘कोल्ड फायर शो’ इस यात्रा के मुख्य आकर्षण थे । इस मंगल अवसर पर समस्त रामभक्त एवं हिन्दुत्वनिष्ठ विशाल संख्या में उपस्थित थे ।

वैशिष्ट्यपूर्ण

आरती करते हुए अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर

संपूर्ण शोभायात्रा एवं कार्यक्रम में भजन तथा भावपूर्ण वातावरण व्याप्त था । ‘शंखनाद दल’ एवं ढोल-ताशा दल ने पारंपरिक पद्धति से वादन कर प्रभु रामचंद्र को वंदन किया । अनेक श्रद्धालु प्रभु रामचंद्र की पालकी लेकर नंगे पांव पदयात्रा में सहभागी हुए । संपूर्ण परिसर भगवामय हो गया था । प्रभु रामचंद्र एवं भारतमाता की जय, वंदे मातरम् के उद्घोषों से परिसर गुंजायमान हो उठा । अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर के करकमलों द्वारा प्रभु श्रीराम की महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।