सनातन संस्था को अपकीर्त करने वाली सभी संगठनों एवं प्रसारमाध्यमों के विरुद्ध न्यायालय जाएंगे ! – सनातन संस्था

  • सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के लिए केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सहायता किए जाने के विषय में सनातन संस्था की अपकीर्ति करने का प्रकरण

  • मुसलमानों को प्रसन्न करने हेतु ‘वन्दे मातरम्’ का विरोध किए जाने को भी किया स्पष्ट

सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक

नई देहली – सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार द्वारा महोत्सव की आयोजक सनातन संस्था को ६३ लाख रुपए देने के कारण कांग्रेस को उदरशूल हुआ । कांग्रेस ने इस विषय में पत्रकार वार्ता कर बिना किसी कारण सनातन संस्था को अपकीर्त किया । अब इस पर सनातन संस्था ने कांग्रेस, साथ ही साम्यवादियों एवं हिन्दूद्वेषी प्रसारमाध्यमों के विरुद्ध न्यायालय जाने का निर्णय लिया है । संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक ने इस संदर्भ में ‘सनातन प्रभात’ को बताया कि अपकीर्ति करनेवालों की हम केवल निंदा ही नहीं करते, अपितु जिन व्यक्तियों ने सनातन संस्था के विषय में दुष्प्रचार किया है, साथ ही जिन्होंने ‘इस कार्यक्रम में ‘वन्दे मातरम्’ गाया ही नहीं गया’, ऐसा झूठा प्रचार किया है; उन सभी को हम कानूनी नोटिस दे रहे हैं । उन पर हम कानूनी कार्रवाई करेंगे । संवैधानिक चौकट में उन्हें इसका उत्तर देना ही पडेगा ।

श्री. वर्तक ने कहा कि,

१. देहली में दिसंबर २०२५ में आयोजित किए गए महोत्सव में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्रों में पूरे देश में कार्यरत १ सहस्र से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, इसके साथ ही देहली के मान्यवर भी सहस्रों की संख्या में इस कार्यक्रम में आए थे ।

२. राष्ट्रगान ‘वन्दे मातरम्’ को १५० वर्ष पूरे हो चुके हैं । उसके उपलक्ष्य में एक भव्य प्रदर्शनी का किया गया आयोजन इसी कार्यक्रम का एक भाग था । इस कार्यक्रम में वन्दे मातरम् का सामूहिक गान हुआ तथा इसी अवधि में कांग्रेस के नेताओं को ‘इस कार्यक्रम में किए गए ‘वन्दे मातरम्’के उद्घोष का हमने विरोध किया, तो उससे मुसलमान हम पर प्रसन्न होंगे’, ऐसा लगने लगा । उसके कारण ही कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इसका विरोध करना आरंभ किया है ।

३. साम्यवादी विचारधारा के कुछ लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं । जिन्होंने कांग्रेस सरकार के शासनकाल में देश के कोने कोने में अनेक भूखंड हडप लिए तथा सरकार की प्रायोजकता से अनेक भव्य कार्यक्रमों का आयोजन कर उन कार्यक्रमों से हिन्दू धर्म पर कीचड उछालने का काम किया; वही संगठन आज सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव का विरोध कर रहे हैं, यह बडे आश्चर्य की तथा दुर्भाग्यपूर्ण बात है ।

‘सुदर्शन न्यूज’भी न्यायालय जाएगा !

डॉ. सुरेश चव्हाणके

सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में ‘सुदर्शन न्यूज’के मुख्य संपादक श्री. सुरेश चव्हाणके ने भी संबोधन दिया था । कांग्रेस एवं साम्यवादी प्रसारमाध्यम श्री. चव्हाणके पर भी आधारहीन आरोप लगा रहे हैं । उन्होंने जो वक्तव्य नहीं दिए हैं, उन्हें उनके नाम पर प्रसारित कर रहे हैं; इसलिए श्री. चव्हाण के उसके विरोध में न्यायालय जानेवाले हैं । उन्होंने ‘सनातन प्रभात’को बताया कि वे ‘द बिजनेस स्टैंडर्ड’, इस अंग्रेजी प्रसारमाध्यम के विरोध में मानहानि का दावा करने वाले हैं ।