Prithviraj Chavan On Sanatan Sanstha : हिन्दूविरोधी पृथ्वीराज चव्हाण ने सनातन संस्था को ‘आतंकवादी’ कहा !

काँग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को पुनः हुआ सनातनविरोधी विकार !

मुंबई – काग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने पुनः एक बार सनातन संस्था को ‘आतंकवादी’ संगठन कहा । ‘जय महाराष्ट्र’ इस समाचारवाहिनी को साक्षात्कार देते समय उन्होंने कहा – “मैं कोई धर्मशास्त्र का अध्येता नहीं हूं । मैंने मुख्यमंत्री रहते हुए एक ‘आतंकवादी’ संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी । उस संगठन का नाम सनातन संस्था है । वह संभवतः एक ‘पंजीकृत अशासकीय संस्था’ हो सकती है । उस संस्था का नाम उन्होंने ‘सनातन’ रखा है, इसमें मेरी क्या भूल है ? मुझे तो केवल उस संस्था पर प्रतिबंध लगाना है । मैंने धर्म पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही थी । यदि मेरे वक्तव्य को समझा नहीं गया, तो वह मेरा दुर्भाग्य है । मुझे और अधिक स्पष्ट बोलना चाहिए था ।”

३१ जुलाई को मालेगांव बमविस्फोट प्रकरण का निर्णय आया, एवं उसमें ७ आरोपियों को निर्दोष मुक्त किया गया । इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पृथ्वीराज चव्हाण ने “भगवा नहीं, अपितु सनातनी आतंकवाद कहिए” – ऐसा हिन्दूविरोधी वक्तव्य किया था । इसके पश्चात जब उनकी तीव्र आलोचना की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए यह अस्पष्ट एवं असभ्य वक्तव्य दिया कि “मैं तो सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाने की बात कर रहा था ।”

संपादकीय भूमिका

  • “गिरकर भी नाक ऊंची” – इस मानसिकता वाले पृथ्वीराज चव्हाण ! हिन्दू आतंकवाद का षड्यंत्र रचकर हिन्दू समाज को कलंकित करने में चव्हाण अग्रणी थे ; परंतु ‘हिन्दू आतंकवाद’ जैसा कुछ अस्तित्व में नहीं है, यह स्पष्ट हो जाने पर भी अपने पाप को छिपाने के लिए राष्ट्र एवं धर्मजागृति का कार्य करनेवाली सनातन संस्था पर कीचड उछालने में चव्हाण व्यस्त हैं !
  • हिन्दुओं के मूल अस्तित्व पर आघात करनेवाले जिहादी आतंकवादियों के समान ही, हिन्दुओं के तेज एवं मान को कलंकित करनेवाले चव्हाण जैसे वैचारिक आतंकवादी हिन्दू समाज के लिए अत्यंत घातक हैं । ऐसे लोगों को उनका उचित स्थान दिखाने के लिए हिन्दुओं का संगठित होना अत्यावश्यक है !