सरसंघचालक ने कांदळी (जिला पुणे) स्थित भक्तराज महाराज के समाधि स्थल के दर्शन किये !

कांदली (पुणे जिला) – मौजी बंधन समारोह के लिए कांदली (पुणे जिला) में सनातन संस्था के आश्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक प.पू. डॉ. मोहनजी भागवत ने भाग लिया। इस अवसर पर सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक ने उनसे सदिच्छा भेंट की। इस अवसर पर सरसंघचालक को सनातन के आश्रम में आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया एवं आश्रम में आने का आश्वासन दिया ।
🙏🕉️ RSS Chief Dr. H.H. Dr Mohanji Bhagwat Promises Visit to Sanatan Ashram!
📍Kandali, Pune: During his visit to the Samadhi Sthal of Bhaktaraj Maharaj, Shri @AbhayVartak Spokesperson @SanatanSanstha met the Sarsanghchalak.
📩 Upon invitation, Dr. Bhagwat graciously agreed to… pic.twitter.com/vO9aiBOdxf
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 28, 2025
सनातन की अकोला स्थित साधिका श्रीमती मेघा वसंत जोशी (आध्यात्मिक स्तर ६२ प्रतिशत) के पौत्र श्रीपाद (आध्यात्मिक स्तर ५२) एवं चि. यशोधन (आध्यात्मिक स्तर ५२ प्रतिशत) का मौजी बंधन समारोह कांदली में प.पू. भक्तराज महाराज के आश्रम में आयोजित किया गया था। उस समय, सरसंघचालक के साथ संघ के कार्यकर्ता, साथ ही प.पू. भक्तराज महाराज के भक्त भी उपस्थित थे। इस अवसर पर, सरसंघचालक ने प.पू. भक्तराज महाराज की पवित्र समाधि के साथ-साथ श्रीराम मंदिर के भावपूर्ण दर्शन किए।
मौजी बंधन कार्यक्रम के अवसर पर अपना आशीर्वाद मार्गदर्शन देते हुए, प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने कहा, “मौजी बंधन के संस्कार के उपरांत बालक विद्यार्जन के लिए तैयार हो जाता है। विद्यार्जन काल में वह विश्व में जो कुछ भी सर्वश्रेष्ठ है, उसे सीखने का प्रयास करता है एवं पुन: गृहस्थाश्रम में जो भी अच्छा सीखा है उसे समाज को देने का प्रयास करेंगे।” इस अवसर पर सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. अभय वर्तक ने कुछ दिनों पूर्व गोवा में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के छाया चित्र उनको दिखाए तथा सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत को महोत्सव के संबंध में जानकारी भी दी। इस अवसर पर सरसंघचालक को इस उत्सव में किये गये यज्ञों का प्रसाद, श्री वेंकटेश बालाजी की चांदी की मूर्ति एवं ‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले’ का संक्षिप्त परिचय ग्रंथ भेंट किया।

इस अवसर पर प.पू. भक्तराज महाराज के पुत्र प.पू. नंदू भैया उपाख्य हेमन्त कसरेकर ने महामहिम का स्वागत किया। नागपुर में सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत के साथ, पूर्व में हुई एक बैठक में प.पू. नंदू भैया कसरेकर ने सरसंघचालक को प.पू. भक्तराज महाराज महिमा बताई । भक्तराज महाराज को कांदली स्थित समाधि स्थल के दर्शन के लिए भी आमंत्रित किया। मौजी बंधन का अवसर साधकर सरसंघचालक ने यहां भेंट दी। श्री. सदगुरु सेवा मंडल के ट्रस्टी शरद कसरेकर एवं प.पू. भक्तराज महाराज के पुत्र रवीन्द्र कसरेकर ने सरसंघचालक को समाधि स्थल एवं आश्रम परिसर के संबंध में जानकारी दी।
इस अवसर पर सरसंघचालक के मित्र एवं वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री शरद किटकरू एवं सनातन की नागपुर स्थित साधिका श्रीमती उषा किटकरू (श्री एवं श्रीमती किटकरू बालक चि. यशोधन के दादा-दादी हैं) के साथ-साथ ‘अल्ट्राटेक सीमेंट’ प्रतिष्ठान के अध्यक्ष श्री मंगेश वाघ एवं सेल्स प्रमोटर श्री नितिन वाघ उपस्थित थे।
साधकों को स्वभावदोष एवं अहं के निर्मूलन की प्रक्रिया सिखाकर स्वसूचनाओं के द्वारा स्वभावदोषों पर विजय प्राप्त करने का मार्गदर्शन करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी !
राष्ट्ररक्षार्थ मुंबई में ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ संपन्न !
अधिक मास के निमित्त निरंतर धर्मप्रसार का कार्य करनेवाले सनातन के आश्रमों को अन्नदान देकरपुण्यसंचय के साथ ही आध्यात्मिक लाभ भी प्राप्त करें !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की विभिन्न कृतियों से प्रक्षेपित स्पंदनों का अध्ययन
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के माथे पर अंकित कमल सुस्पष्टता से दिखाई देने का कारण !
‘श्री गुरु पर श्रद्धा’, यही भवसागर से पार होने की एकमात्र गुरुकुंजी !