आगरा के ‘मुघल रोड’ का ‘महाराजा अग्रसेन मार्ग’ में नामांतरण !

इसके साथ ही ‘सुल्तानगंज की पुलिया’ क्षेत्र का नाम बदलकर अब ‘विकल चौक’ किया गया है ।

तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश की ८३.३ प्रतिशत महिलाओं को अपने पति द्वारा की जाने वाली मारपीट उचित लगती है !

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण का निष्कर्ष !

बिहार, देश का सर्वाधिक दरिद्र राज्य है !

स्वतंत्रता के ७४ वर्षों के पश्चात भी, बिहार जैसे राज्य में आधी से अधिक जनसंख्या दरिद्र है, यह अब तक के सर्वदलीय शासकों के लिए लज्जाजनक है !

धर्मांतरण के पश्चात भी व्यक्ति की जाति वही रहती है ! – मद्रास उच्च न्यायालय

परंतु, धर्मांतरण के पश्चात, जाति के अनुसार आरक्षण देना न्यायालय ने अस्वीकार किया !

पाकव्याप्त काश्मीर में स्वतंत्रता के लिए स्थानीय पार्टियों की ओर से मोर्चे का आयोजन

मोर्चा निकालकर पाकव्याप्त काश्मीर को स्वतंत्रता नहीं मिलेगी, इसके लिए वहां के नागरिकों को पाक के विरोध में शस्त्र उठाने चाहिएं ! भारत को नेताजी सुभाषचंद्र बोस और क्रांतिकारियों के कारण ही स्वतंत्रता मिली थी, यह इतिहास है !

(कहती हैं) ‘मुझे हिन्दू होने पर लज्जा आती है !’ – अभिनेत्री स्वरा भास्कर

बांग्लादेश में गत कुछ दिनों में जिस प्रकार से हिन्दुओं पर आक्रमण हुए हैं, उसके संबंध में स्वरा भास्कर ने एक शब्द भी नहीं बोला है । इसे देखकर हिन्दुओं द्वारा ऐसा कहा जाए कि, ‘स्वरा भास्कर का हिन्दू होना ही हमारे लिए लज्जाजनक है’, तो इसमें अनुचित क्या है ?

भारत अफगानिस्तान को ५० सहस्र मीट्रिक टन गेंहूं भेजने के प्रयास में !

भारत की गांधीगीरी अभी भी चालू ! मानवता की दृष्टि से भेजे जाने वाली यह सहायता गरीब अफगानी लोगों तक पहुंचेगी या तालिबानी ही उसे खा डालेंगे, इसकी निश्चिति कौन देगा ?

पिछले ३ वर्षों में देशभर में लगभग ११२ लोगों की नशीले पदार्थ के सेवन से मृत्यु

समाज को साधना न सिखाने के कारण और नशीले पदार्थों की तस्करी पर कठोर कार्यवाही न होने का ही यह परिणाम है । इसके लिए अभी तक के सभी पार्टियों के शासनकर्ता उत्तरदायी हैं ! हिन्दू राष्ट्र में यह स्थिति नहीं होगी ! 

भूख सूचकांक निर्धारित करने की पद्धति अशास्त्रीय है तथा उसे निर्धारित करने की पद्धति से अनेक गंभीर चूकें ! – भारत ने सूचकांक अस्वीकार किया !

भारत को यदि जानबूझकर इस प्रकार से सूचकांक के नाम पर विश्वस्तर पर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा हो, तो भारत को उसका तीव्र विरोध कर इस सूचकांक को अस्वीकार ही करना चाहिए !