|
स्वतंत्रता के ७४ वर्षों के पश्चात भी, बिहार जैसे राज्य में आधी से अधिक जनसंख्या दरिद्र है, यह अब तक के सर्वदलीय शासकों के लिए लज्जाजनक है ! – संपादक

नई देहली – नीति आयोग के दरिद्रता सूचकांक ब्योरे के अनुसार, बिहार में ५१.९१ प्रतिशत जनसंख्या दरिद्र है । यही अनुपात झारखंड में ४२.१६ प्रतिशत है तथा उत्तर प्रदेश में ३७.७९ प्रतिशत है । मध्य प्रदेश में ३६.६५ प्रतिशत एवं मिजोरम में ३२.६७ प्रतिशत जनसंख्या गरीब हैं । महाराष्ट्र दरिद्रता में १७ वें स्थान पर है एवं राज्य की कुल जनसंख्या के १४.८५ प्रतिशत लोग दरिद्र हैं । इसके पश्चात, तेलंगाना में १३.७४ प्रतिशत, कर्नाटक में १३.१६ प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में १२.३१ प्रतिशत तथा हरियाणा में १२.२८ प्रतिशत जनता दरिद्र हैं । तमिलनाडु में ४.८९ प्रतिशत, सिक्किम में ३.८२ प्रतिशत तथा गोवा में ३.७६ प्रतिशत जनता दरिद्र हैं । केरल राज्य दरिद्रता में अंतिम स्थान पर है, जिसकी जनसंख्या के केवल ०.७१ प्रतिशत लोग दरिद्र हैं ।
In its first Multidimensional Poverty Index (MPI) report released on Friday, the Niti Aayog said Bihar, Jharkhand and Uttar Pradesh were found to be the poorest states in the countryhttps://t.co/4NyBNRhT5n
— Hindustan Times (@htTweets) November 26, 2021
SANATAN PRABHAT EXCLUSIVE : बोरीवली (मुंबई) के नैंसी एस्.टी. बस स्थानक में स्वच्छता की ‘ऐसी की तैसी
Goalpara School Beef Row : आसाम के एक विद्यालय में मुस्लिम विद्यार्थियों द्वारा हिन्दू विद्यार्थियों को गाय का मांस भक्षण कराने का प्रयास
Nagar Nigam Varanasi Decision : वाराणसी में अब मांस एवं मछली उपलब्ध नहीं होंगे !
केरल में ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ की प्रथम महिला विधायिका द्वारा दीप प्रज्वलन कर भोजनालय (रेस्टोरेंट) का उद्घाटन करने पर कट्टरपंथियों की आलोचना
चिंचवड (पुणे) स्थित श्री मोरया गोसावी मंदिर परिसर की यात्रा में ‘मेड इन पाकिस्तान’ लेबल वाली चादर की बिक्री !
Bhangar Blast : बंगाल के भांगर बम विस्फोट की घटना में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला को बंदी बनाया ।