रूस द्वारा हमें भी सस्ते में तेल लेना था; परंतु उससे पूर्व ही हमारी सरकार गिर गई ! – पाकिस्तान के भूतपूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान

इससे पूर्व मई २०२२ में इमरान खान ने भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीजी के रूस से तेल क्रय करने के निर्णय की प्रशंसा की थी ।

पाकिस्तान में हिन्दुओं के विवाह के संबंध में कानून पारित

इस अधिनियमानुसार अब हिन्दू उनकी परंपरा के अनुसार विवाह कर सकेंगे । साथ ही पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान राज्यों में यह कानून अधिसूचित किया जाने वाला है ।

पाकिस्तान जिहादी आतंकियों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा !

जिहादी आतंकियों के निर्माता पाकिस्तान द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई आरंभ करने को हास्य ही कहेना पडेगा !

कश्मीर में ७० करोड रुपये के मादक पदार्थ जब्त

कश्मीर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी करनेवाले २ लोगों को बंदी बनाकर उनसे ७० करोड रुपये मूल्य की ११ किलोग्राम हेरोइन और ११ लाख ८२  सहस्र नकद जब्त की है ।

मुसलमान बनने के लिए सहयोगियों की ओर से दबाव !

बलुचिस्तान के हिन्दू सांसद ने पाकिस्तानी संसद में दी जानकारी

पाकिस्तान के गावों में निशुल्क राशन बांटते हैं, यह जनता के साथ छल ! – गांव के लोगों का आरोप

दिवालिया होने की कगार पर खडे पाकिस्तान में यदि लोगों के साथ इसी प्रकार छल होता रहा, तो उनका उद्रेक अवश्य होगा !

मेरे दादाजी ऊपर (जन्नत में) ७२ अप्सराओं के साथ व्यस्त हैं !

पाकिस्तान की विख्यात महिला पत्रकार आरजू काजमी ने आलोचकों को फटकारा !

भारत के नोटिस देने के उपरांत पाकिस्तान सिंधु जल समझौते में सुधार पर चर्चा करने के लिए तैयार !

वर्ष २०१७ से २०२२ के दौरान भारत ने समझौते के संबंध में पांच बैठकें ली थीं । इनमें पाकिस्तान ने कभी भी भारत के सूत्र स्वीकार नहीं किए । इसी कारण भारत ने पाकिस्तान को नोटिस भेजी थी ।

शारदापीठ के लिए सर्व सुविधायुक्त कॉरिडोर बनेगा !

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की संसद में इसके लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया है । इससे भारत के भक्तों को श्री शारदामाता के दर्शन के लिए जाना सरल होगा ।

पाकिस्तान सरकार की ओर से न्यायाधीशों में फूट डालने का प्रयास !

मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने कहा था, यदि आप संसद में गए, तो ऐसे लोग वहां संसद को संबोधित करते हुए दिखेंगे, जो कल तक कारागृह में थे और जो देशद्रोही हैं ।’ इस वक्तव्य पर प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने संसद में तीव्र आपत्ति जताई थी ।