अफगानिस्तान से अमेरिका लाए गए अफगानी नागरिकों में सहस्रो आतंकवादी ! – डोनाल्ड ट्रम्प का दावा
‘भारत में भी तो ऐसा नहीं हुआ ?’ यह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांचना आवश्क !
‘भारत में भी तो ऐसा नहीं हुआ ?’ यह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांचना आवश्क !
दूसरी ओर, अफगानिस्तान की सहायता करने की भूमिका चीन ने प्रस्तुत की है । तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर नियंत्रण करने के पश्चात अमेरिका के बैंकों में होने वाले अफगान सरकार के खाते बंद कर दिए गए हैं ।
भारतीय सेना के पास वह करने की क्षमता है, जो अमेरिका नहीं कर पाया है ; परंतु, भारतीय सेना पर विश्वास न रखने वाली महबूबा मुफ्ती इस प्रकार के वक्तव्य करेंगी ही ! इसलिए, केंद्र सरकार को उन्हें नजरबंद नहीं, अपितु कारावास में डालना चाहिए !
२० वर्षों के संघर्ष के पश्चात भी अफगानिस्तान को तालिबान से मुक्त न कर पाने वाले अमेरिका की यह चेतावनी हास्यास्पद ही है !
काबुल हवाई अड्डे पर हुई गोलीबारी में ५ से अधिक लोग मारे गए
अफगानिस्तान में भारतीय नागरिक फंसे !
केवल बारह देश क्यों ? विश्व के सभी देशों को तालिबान का विरोध कर उसका शासन होने पर अफगानिस्तान का बहिष्कार करना चाहिए !
अफगानिस्तान में तालिबान अधिक से अधिक शहरों को अधिकार में लेने के डर से अमेरिका ने अफगानिस्तान में रह रहे उसके नागरिकों को बाहर निकालने की तैयारी की है ।
पहले अफगानिस्तान की रक्षा का दायित्व अमेरिका ने लिया था ; परंतु, अब अमेरिका अपना दायित्व अफगानिस्तान पर ही मढ रहा है । इससे अमेरिका का वास्तविक स्वरूप ध्यान में आता है !
वे ‘जिंदाल युनिवर्सिटी स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेन्स’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे ।
साथ ही भारत के इन नेताओें के माध्यम से चीन ने देश में विरोधी पार्टी निर्माण करने का प्रयास किया था, ऐसा दावा भारत के सेवा निवृत्त विदेश सचिव विजय गोखले ने किया है ।