अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से अमेरिकी डॉलर पर प्रतिबंध
नागरिकों को आर्थिक कामकाज करने के लिए अफगानी मुद्रा का ही प्रयोग करने की सख्ती की गई है ।
नागरिकों को आर्थिक कामकाज करने के लिए अफगानी मुद्रा का ही प्रयोग करने की सख्ती की गई है ।
पंजाब सहित हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान राज्यों के अनेक जनपद सम्मिलित !
तालिबान जैसे नगण्य आतंकी, शक्तिशाली अमेरिका को चेतावनी देते हैं और अमेरिका चुप रहता है! यह तथ्य भारत और भारतीय सेना के शौर्य एवं महत्व को उजागर करता है !
वर्ष १९६७ में रशिया के साथ हुए शीत युद्ध के बाद यह आंकडा सबसे कम है । शीत युद्ध के समय अमेरिका के पास कुल ३१ सहस्र २५५ अणु शस्त्र थे ।
अमेरिकी संगठन को जो ज्ञात है, उसकी जानकारी संपूर्ण विश्व को और संयुक्त राष्ट्र को भी है…
अफगानिस्तान में तालिबानी अर्थात जिहादी राज्य लागू हुआ है । वर्तमान काल में अफगानिस्तान का प्रत्येक घटनाक्रम भारत की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है; क्योंकि उसका सीधा परिणाम भारत पर होगा ।
अमेरिका की गांधीगीरी ! यह सांप को दूध पिलाने समान है ! मानवता के नाम के नीचे दी जाने वाली यह रकम गरीब अफगानी नागरिकों को मिलेगी या तालिबानी आतंकवादी इसे स्वयं के लिए खर्च करेंगे, इस पर कौन और कैसे ध्यान रखेगा ? इसके पहले अमेरिका ने इस प्रकार की सहायता पाक को की थी और पाक द्वारा इसे जिहादी आतंकवादियों पर खर्च करने का इतिहास है !
२४ अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रशिया के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतीन के बीच दूरभाष पर चर्चा हुई थी । इसके आगे की चर्चा के लिए पत्रुशेव का भारत दौरा है, ऐसा रशिया के विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है ।
टोनी ब्लेअर को जो लगता है वह विश्व के अन्य नेताओं को लगता है क्या, या वे अभी भी धर्मनिरपेक्षता की गोद में सो रहे हैं ?
अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत पर नियंत्रण प्राप्त करने में पाकिस्तान द्वारा तालिबान की सहायता करने के लिए एक ड्रोन आक्रमण ने उनके गठबंधन को मुहर-बंद (सील) कर दिया है । इस पृष्ठभूमि पर डगलस लंदन बोल रहे थे ।