श्रीलंका सरकार के विरोध में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में मुकदमा प्रविष्ट
चीन की सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का अनुभव विश्व के अनेक देशों ने अभी तक लिया है । चीन को श्रीलंका द्वारा इस प्रकार माल वापस भेजकर दिया उत्तर अन्य देशों के लिए सीखने योग्य है !
चीन की सभी वस्तुओं की गुणवत्ता का अनुभव विश्व के अनेक देशों ने अभी तक लिया है । चीन को श्रीलंका द्वारा इस प्रकार माल वापस भेजकर दिया उत्तर अन्य देशों के लिए सीखने योग्य है !
रक्षा विशेषज्ञों ने चीन की भूमिका पर प्रश्न उठाए ! ताइपे (ताइवान) – भारत के प्रथम सी.डी.एस. (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) और तीनों रक्षा बलों के प्रमुख जनरल बिपिन रावत की तमिलनाडु के कुन्नूर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई है । इसी प्रकार की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में, ताइवान के सेना प्रमुख … Read more
विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन अधिनियम २०२०, संसद द्वारा पारित किया गया था और सितंबर २०२० में, विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम २०१० की धारा ७ में संशोधन किया गया था । यह विदेशी योगदान के हस्तांतरण को रोकता है ।”
‘भारत में, पाकिस्तान के समान, अन्य देशों के लोगों की ईशनिंदा के नाम पर अमानवीय हत्या नहीं होती !’, यह फवाद चौधरी क्यों नहीं बताते ?
अनुच्छेद ३७० के निरस्त होने के उपरांत से अब तक कश्मीर में कितने कश्मीरी हिन्दुओं का पुनर्वसन किया गया है ? कितने लोगों ने वहां भूमि खरीदी है ? इसके आंकडे भी सरकार दे ! हिन्दुओं को ऐसा लगता है !
कट्टरपंथी इस तरह का झूठा इतिहास बताकर, सच्चे इतिहास को झुठलाने का प्रयास कर रहे हैं ! क्या इसे ’इतिहास जिहाद´कहना चाहिए ? – संपादक
कुछ दिन पूर्व, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं अन्य मंत्रियों ने मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर स्थित ईदगाह मस्जिद पर श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के संबंध में वक्तव्य दिए थे । इस संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्न का उपरोक्त उत्तर चौधरी लक्ष्मी नारायण ने दिया ।
दांवपेंच में चतुर जिहादी संगठन ! केंद्र सरकार ने यह ध्यान में रखकर जल्द से जल्द राष्ट्र विरोधी कार्यवाहियां करने वाले ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए !
भारत में मुसलमान आक्रमकों ने हिन्दुओं के साढे चार लाख मंदिर गिराए, कश्मीर से साढे चार लाख हिन्दुओं को पलायन के लिए विवश किया, साथ ही सैकडों मंदिरों पर आक्रमण किए, इस विषय में कम्युनिस्ट संगठनों को आंदोलन करने चाहिएं, ऐसा नही लगता !