महिलाओं को पुरुषों के साथ नमाजपठन की अनुमति देने के कारण मौलवी गिरफ्तार !
उन पर इस्लाम का अपमान करने एवं द्वेष फैलाने का भाषण देने का आरोप लगाया गया है ।
उन पर इस्लाम का अपमान करने एवं द्वेष फैलाने का भाषण देने का आरोप लगाया गया है ।
हिन्दू धर्म को छोडकर अन्य पंथों के धर्मगुरू उनको उनके पंथानुसार नियमों का पालन करने को बताते हैं । लेकिन हिन्दुओं को सर्वधर्मसमभाव की शिक्षा देने के कारण वे धर्म पालन नहीं करते, बल्कि इसके विपरीत धर्म विरोधी कृत्य करने में स्वयं को धन्य मानते हैं !
विदेशों से ब्रिटन में पढने आने वाले सभी छात्रों में एक चौथाई अकेले भारत से हैं । साथ ही भारतीय निवेश के कारण पूरे ब्रिटेन में लगभग ९५ सहस्र लोगों को जीविका (नौकरी) भी मिलती है । ऐसा वृत्त सामने आ रहा है कि ब्रिटेन और भारत के मध्य व्यापार समझौते पर अभी भी चर्चा चल रही है ।
जो संसार में सबसे अधिक मुसलमान जनसंख्या वाले इस्लामी इंडोनेशिया के लिए यह संभव है; वह धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए क्यों संभव नहीं होता है ?
२६ अक्तूबर के दिन सुकमावती हिन्दू धर्म को विधिवत स्वीकार करने वाली हैं । सुकमावती के ३ लडकों ने भी उन्हें इसके लिए अनुमति दी है । सुकर्णों परिवार मूलरुप से हिन्दू था ।
लोगों की बढती शिकायतों का परिणाम !
इंडोनेशिया मस्जिद परिषद का निर्णय
इंडोनेशिया में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) जैसा कोई संगठन नहीं है, अन्यथा इन हिन्दुओं का विरोध करते हुए इनके विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की होती !
मौलवी मोहम्मद रिजिक शिहाब को कोरोना का संक्रमण छुपाने के अपराध में ४ वर्ष के कारावास का दंड सुनाया गया है ।