Sword of Tuljabhavani Devi : श्री तुळजाभवानी देवी की तलवार मंदिर के बाहर रखी गई ।

भोपे-पुजारी मंडल का आरोप –

तुळजापुर – श्री तुळजाभवानी देवी की तलवार को मंदिर के बाहर कहीं रखे जाने का गंभीर आरोप भोपे-पुजारी मंडल ने लगाया है । इस संदर्भ में ‘श्री तुळजाभवानीदेवी भोपे-पुजारी मंडल’ के अध्यक्ष श्री अमरराजे कदम ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हमने मंदिर संस्थान को निवेदन करके यह पूछा है कि देवी के समक्ष रखी तलवार अब कहाँ है ?”

उन्होंने बताया कि इस बारे में संस्थान की ओर से अब तक कोई उत्तर नहीं दिया गया है । हमारी जानकारी के अनुसार, तलवार को मंदिर के बाहर किसी स्थान पर रखा गया है । अतः हमारी मांग है कि इस तलवार को तत्काल देवी के समक्ष पुनः स्थापित किया जाए, जिससे भक्तजन उसका दर्शन कर सकें ।

१६ जून २०२५ को पद्मश्री गणेशजी द्रविड शास्त्री ने देवी के समक्ष यह तलवार रखकर मंत्रोच्चार के माध्यम से देवी के आठ हाथों में स्थित शस्त्रों की तत्वशक्ति उसमें संचारित की थी । इसलिए यह तलवार देवी की तत्वशक्ति एवं शक्ति का प्रतीक मानी जाती है, और उसका देवी के समक्ष रहना अनिवार्य है ।

श्री अमरराजे कदम ने यह भी कहा कि भोपे-पुजारी मंडल की ओर से हम बार-बार इस विषय में निवेदन कर रहे हैं, परंतु संस्थान इस पर कोई ध्यान देने का प्रयास नहीं कर रहा है ।

संपादकीय भूमिका 

मंदिर के सरकारीकरण के दुष्परिणाम ।