इस्लामवादी विचारधारा और उससे होने वाली हिंसा सुरक्षा के लिए प्रमुख खतरा ! – ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेअर
टोनी ब्लेअर को जो लगता है वह विश्व के अन्य नेताओं को लगता है क्या, या वे अभी भी धर्मनिरपेक्षता की गोद में सो रहे हैं ?
टोनी ब्लेअर को जो लगता है वह विश्व के अन्य नेताओं को लगता है क्या, या वे अभी भी धर्मनिरपेक्षता की गोद में सो रहे हैं ?
क्या भारत में धर्मनिरपेक्षतावादी, आधुनिकतावादी , इस्लामवादी विद्वान आदि क्या इस विषय में बात करेंगे ? क्या वे तालिबान का विरोध करेंगे ?
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने कहा, “अब तालिबान से कैसे निपटना चाहिए ?, यह सभी देश विचार कर रहे हैं ।
जब तालिबान का इतिहास एवं वर्तमान क्रूरता के होते हुए भी, फारूक अब्दुल्ला ऐसा वक्तव्य देने साहस कैसे जुटाते हैं
ऐसा डर लगता है, तो रशिया तालिबान का खुले तौर पर विरोध क्यों नही करता ?
इससे तालिबान का पाकिस्तान के प्रति प्रेम अधिक स्पष्ट होता है ! ध्यान दें, कि तालिबान की सहायता करने वाले पाकिस्तान के विरुद्ध विश्व का कोई भी देश मुंह नहीं खोलता है !
मुल्ला अब्दुल गनी बरादर, हिब्तुल्लाह अखुंदजादा और सिराजुद्दीन हक्कानी के आमने-सामने आने से अंतर्गत कलह निर्माण होने का समाचार है ।
बीबीसी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग ! लोगों का कहना है, कि बीबीसी ने ही फहीम दशती का सैटेलाइट नंबर सार्वजनिक किया था ।
अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत पर नियंत्रण प्राप्त करने में पाकिस्तान द्वारा तालिबान की सहायता करने के लिए एक ड्रोन आक्रमण ने उनके गठबंधन को मुहर-बंद (सील) कर दिया है । इस पृष्ठभूमि पर डगलस लंदन बोल रहे थे ।
इन देशों ने इसके पूर्व ही तालिबान से संपर्क स्थापित किया है । रूस, चीन, पाकिस्तान एवं तुर्कस्तान ने अफगानिस्तान में स्थित अपने दूतावास बंद नहीं किए हैं ।