Exclusive : तालिबान, भविष्य में कश्मीर पर आक्रमण कर सकता है ! – कोएनराड एल्स्ट, लेखक, बेल्जियम

ऐसा हो, इससे पहले भारत को तालिबान की सहायता करने वाले पाकिस्तान को नष्ट करना होगा !

अफगानिस्तान में शरीया कानून के अनुसार राजतंत्र चलेगा ! – तालिबान की घोषणा

लोकतंत्र के प्रति प्रेम रखनेवाले, भारत के तालिबान प्रेमियों को अफगानिस्तान में शरीया कानून के अनुसार चलनेवाला लोकतंत्र अच्छा लगेगा और वे उसका समर्थन ही करेंगे !

इस्लामवादी विचारधारा और उससे होने वाली हिंसा सुरक्षा के लिए प्रमुख खतरा ! – ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेअर

टोनी ब्लेअर को जो लगता है वह विश्व के अन्य नेताओं को लगता है क्या, या वे अभी भी धर्मनिरपेक्षता की गोद में सो रहे हैं ?

इस्लाम धर्म संगीत, नृत्य, लोकतंत्र, महिला अधिकार आदि का विरोध करता है ! – बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन

क्या भारत में धर्मनिरपेक्षतावादी, आधुनिकतावादी , इस्लामवादी विद्वान आदि क्या इस विषय में बात करेंगे ? क्या वे तालिबान का विरोध करेंगे ?

चीन और तालिबान के बीच संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं, तथापि वे कोई मार्ग निकालने का प्रयत्न कर रहे हैं ! – जो बायडेन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने कहा, “अब तालिबान से कैसे निपटना चाहिए ?, यह सभी देश विचार कर रहे हैं ।

‘मुझे अपेक्षा है कि तालिबान इस्लामी नियमों के आधार पर अच्छा शासन करेगा !’ – फारूक अब्दुल्ला

जब तालिबान का इतिहास एवं वर्तमान क्रूरता के होते हुए भी, फारूक अब्दुल्ला ऐसा वक्तव्य देने साहस कैसे जुटाते हैं

अफगानिस्तान से काश्मीर में आतंकवाद फैलने का खतरा ! – भारत में रशिया के राजदूत

ऐसा डर लगता है, तो रशिया तालिबान का खुले तौर पर विरोध क्यों नही करता ?

काबुल में पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तालिबान द्वारा हवा में गोलीबारी !

इससे तालिबान का पाकिस्तान के प्रति प्रेम अधिक स्पष्ट होता है ! ध्यान दें, कि तालिबान की सहायता करने वाले पाकिस्तान के विरुद्ध विश्व का कोई भी देश मुंह नहीं खोलता है !

अफगानिस्तान में सरकार बनने से पूर्व ही तालिबान में अंतर्गत गुटबाजी !

मुल्ला अब्दुल गनी बरादर, हिब्तुल्लाह अखुंदजादा और सिराजुद्दीन हक्कानी के आमने-सामने आने से अंतर्गत कलह निर्माण होने का समाचार है ।

पंजशीर के ‘नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट’ के प्रवक्ता फहीम दशती की मृत्यु के लिए बीबीसी उत्तरदायी होने का सामाजिक माध्यमों पर आरोप !

बीबीसी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग ! लोगों का कहना है, कि बीबीसी ने ही फहीम दशती का सैटेलाइट नंबर सार्वजनिक किया था ।