पाकिस्तान ने ही तालिबान को पाला-पोसा है ! – भारत का आरोप
ऐसा आरोप लगाकर तालिबान और पाकिस्तान पर कुछ परिणाम नहीं होता और होगा भी नहीं ! उसकी अपेक्षा पाकिस्तान को नष्ट करने के लिए भारत ने कुछ प्रयास किए, तो वह उचित रहेगा !
ऐसा आरोप लगाकर तालिबान और पाकिस्तान पर कुछ परिणाम नहीं होता और होगा भी नहीं ! उसकी अपेक्षा पाकिस्तान को नष्ट करने के लिए भारत ने कुछ प्रयास किए, तो वह उचित रहेगा !
आतंकवादियों और कट्टरपंथियों का महिमा मंडन करना कांग्रेसियों की ‘परंपरा’ है । यह कष्टप्रद है, कि ऐसे राजनीतिक दल ने सबसे दीर्घकाल तक भारत पर शासन किया !
फगानिस्तान के पंजशीर प्रांत पर नियंत्रण स्थापित करने में असफल तालिबान ने वहां आक्रमण का पुनः एक बार प्रयास किया है । इसमें उसके ४० आतंकी मारे गए ।
आज नहीं तो कल तालिबानी आतंकी अपनी आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए भारत में घुसेंगे, यह तो निश्चित है । उससे पूर्व ही भारत को पाक अधिकृत कश्मीर को मुक्त करने हेतु आक्रमण करना आवश्यक !
‘चीन के उघुर मुसलमानों के लिए आवाज उठाने का हमें अधिकार है’, ऐसा बोलने का साहस तालिबानी आतंकी क्यों नहीं दिखाते ? इससे उनका छद्म मुसलमानप्रेम और भारतद्वेष दिखाई देता है !
तालिबान की मानसिकता, उसका इतिहास और पाक के बहकाने वाले कथनों पर कौन विश्वास करेगा ? स्वयं के पिता और भाई को जान से मारने की मुगलाई मानसिकता वाले जिहादियों पर विश्वास करने की मूर्खता भारत कभी भी नहीं करेगा !
तालिबान ने मुल्ला हैबतुल्ला अखुंदजादा को उनका सर्वोच्च नेता घाषित किया है । ‘टोलो न्यूज’ के वृत्तानुसार, तालिबान ने मुल्ला हैबतुल्ला अखुंदजादा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति देश चलाएंगे, ऐसा कहा है ।
अभीतक तालिबान जो नकार रहा था, वही पाक के मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से बताने पर तालिबान इस पर क्या उत्तर देगा ? इस समर्थन के कारण अब विश्व समुदाय द्वारा पाक को ‘आतंकवादी देश’ घोषित करना आवश्यक है !
आतंकवादियों का और उनके संगठनों का धर्म होता है और इस कारण ही वे इस्लाम के लिए एकत्रित आते हैं, यह इस आवाहन से सिद्ध होता है । ऐसे आतंकवादियों को रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र की स्थापना अपरिहार्य !
अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत को अपने अधिकार में लेने के लिए तालिबान ने खावक में किए आक्रमण में तालिबान के ३५० आतंकवादी मारे जाने का, साथ ही ४० आतंकवादियों को पकड़ने का दावा नॉदर्न एलायन्स ने (तालिबान के विरोध में स्थापित किया गया ’उत्तरी मित्रपक्ष’) किया है ।