घोर आपातकाल का आरंभ होने से पूर्व अधिक गति से आवश्यक ग्रंथ-रचना की सेवा में सम्मिलित होकर शीघ्र आध्यात्मिक उन्नति कर लें !

‘परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने बताया है, ‘घोर आपातकाल का आरंभ होने से पूर्व अधिकाधिक ग्रंथों की निर्मिति कर उसके द्वारा समाज को साधक बनाना’ आज के समय की श्रेष्ठ समष्टि साधना है !’ इस प्रकार ग्रंथ-रचना का कार्य अधिक गति से करने का एक दृष्टि से परात्पर गुरु डॉक्टरजी का अव्यक्त संकल्प ही हुआ है ।

अखिल मनुष्यजाति को अध्यात्म जगत की नवीनतापूर्ण पहचान करानेवाले सनातन संस्था की ध्वनिचित्रीकरण से संबंधित सेवाओं में सम्मिलित होकर धर्मकार्य में अपना योगदान दें !

परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी के मार्गदर्शन में सनातन के रामनाथी आश्रम में स्थापित ‘ध्वनिचित्रीकरण की सेवा’ हिन्दू धर्म एवं संस्कृति, साथ ही आध्यात्मिक शोधकार्य की अद्वितीय पहचान करानेवाला ज्ञान का भंडार है !

साधकों को सूचना एवं पाठकों, हितचिंतकों तथा धर्मप्रेमियों से अनुरोध !

रामनाथी, गोवा के सनातन आश्रम में सेवा एवं अन्य कारणों के लिए, साथ ही ‘सनातन प्रभात’ के गोवा-सिंधुदुर्ग संस्करण विभाग से संपर्क करने के लिए निम्नांकित क्रमांकों का उपयोग करें ।

टोल बूथ से वाहन के न जाते हुए भी ‘फास्टैग’ के खाते से पैसे कटे हों, तो पुलिस थाने में परिवाद प्रविष्ट करें !

हम अपने चारपहिया वाहन से जब राष्ट्रीय महामार्ग तथा राज्य महामार्ग से यात्रा करते हैं, तब हमें वहां के टोल बूथ कर टोल देना पडता है । आज के समय में इस टोल के भुगतान के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों ने ऑनलाइन ‘फास्टैग’ की सुविधा आरंभ की है ।

‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ के अंतर्गत ‘हस्त एवं पाद समुद्रशास्त्र’ के संदर्भ के शोध कार्य में सम्मिलित होकर साधना के स्वर्णिम अवसर का लाभ लें !

व्यक्ति की हथेलियों एवं तलवों की रेखाएं, उनका एक-दूसरे से संयोग, चिन्ह, उभार एवं आकार से व्यक्ति का स्वभाव, गुण-दोष, आयुर्दाय (दीर्घायु), भाग्य, प्रारब्ध इत्यादि ज्ञात कर सकते हैं ।

सनातन के आश्रमों में, तथा धर्मप्रसार की सेवाओं के लिए वाहन-चालकों की आवश्यकता !

‘सनातन का राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति का कार्य दिन-प्रतिदिन बढ रहा है । इस कार्य का विस्तार बहुत बढ जाने से वाहन चालकों की संख्या अपर्याप्त है । इसलिए सनातन के आश्रमों में, तथा प्रसार की सेवाओं में दोपहिया और चारपहिया वाहन-चालकों की तत्काल आवश्यकता है ।

राष्ट्ररक्षा एवं धर्मजागृति के लिए प्रतिबद्ध नियतकालिक ‘सनातन प्रभात’ से संबंधित निम्नांकित सेवाओं में सम्मिलित हों !

हिन्दूविरोधियों, वामपंथियों, आधुनिकतावादियों, धर्मनिरपेक्षतावादियों आदि के द्वारा जहां हिन्दू धर्म पर चारों दिशाओं से आघात हो रहे हैं । ऐसे में उस विषय में दृढतापूर्वक प्रतिवाद कर हिन्दुओं का दिशादर्शन करनेवाला नियतकालिक है ‘सनातन प्रभात’ !

घोर आपातकाल आरंभ होने से पूर्व सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा संकलित लगभग दो हजार से अधिक ग्रंथ शीघ्र प्रकाशित करने के लिए साधकों की आवश्यकता !

हिन्दू राष्ट्र कई हजार वर्ष टिकेगा; परंतु ग्रंथों का ज्ञान अनंत काल टिकनेवाला है । इसलिए जैसे हिन्दू राष्ट्र शीघ्र आना आवश्यक है, उतनी ही शीघ्रता, अपातकाल और तीसरे विश्वयुद्ध के आरंभ होने से पहले ग्रंथ प्रकाशित करने की है ।

सनातन के ग्रंथों को ‘ई-बुक’ स्वरूप में उपलब्ध कराने की सेवा में योगदान करें !

आजकल समाज में संगणकों, चल-दूरभाष संचों आदि का बडे स्तर पर उपयोग किया जा रहा है । उसके कारण सनातन के ग्रंथों को समाज के लिए ‘ई-बुक’ के रूप में उपलब्ध कराने की बडी सेवा उपलब्ध हुई है ।

सनातन के आश्रमों में हाथ तथा कपडे धोने के साबुन की आवश्यकता !

संपूर्ण भारत के सनातन के सभी आश्रमों एवं सेवाकेंद्रों में रहनेवाले साधकों के लिए हाथ तथा कपडे धोने के साबुन की आवश्यकता है । इसके लिए सात्त्विक सुगंधवाले तथा सभी ऋतुओं में उपयोग किए जा सकें; ऐसे किसी भी प्रतिष्ठान के साबुन चलेंगे ।