सनातन प्रभात > Post Type > साधकाें के लिए सूचनाएं > अब सनातन के ग्रंथ पढिए कहीं भी, कभी भी.. अब सनातन के ग्रंथ पढिए कहीं भी, कभी भी.. 01 Dec 2021 | 12:14 AMNovember 27, 2021 Share this on :TwitterFacebookWhatsapp सनातन के अनमोल ग्रंथ अब ‘ई-बुक’ स्वरूप में ‘एप’ पर उपलब्ध Download the ebook on Share this on :TwitterFacebookWhatsapp नूतन लेख सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !संपादकीय : आर्थिक अनुशासनहिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजीसच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?