साधकों को सूचना और पाठक, शुभचिंतक एवं धर्मप्रेमियों से विनती !

‘आपातकाल में डॉक्टर, चिकित्सालय, औषधियों की उपलब्धता नहीं होगी । ऐसी परिस्थिति में सामान्य जनता को स्वयं के विविध विकारों पर होमियोपैथी के स्वयं उपचार (किसी को भी स्वयं ही स्वयं पर करने योग्य उपचार) करना हो, इसलिए सनातन तत्काल इस विषय पर जानकारी देनेवाले ग्रंथों की निर्मिति कर रही है ।
जिन साधक, पाठक, शुभचिंतक और धर्मप्रेमियों को ‘होमियोपैथी के स्वयं उपचार’ के विषय में जानकारी है, वे वह जानकारी लिखकर अथवा टंकण कर शीघ्रातिशीघ्र श्रीमती भाग्यश्री सावंत के नाम पर निम्न पते पर भेजें । इस विषय पर जानकारी देनेवाला ग्रंथ अथवा लेख उपलब्ध हों, तो वह भी भेज सकते हैं । साधक, पाठक, शुभचिंतक और धर्मप्रेमियों के परिचित एवं रिश्तेदारों को इस संदर्भ में कुछ जानकारी हो तो भेजें ।
संगणकीय पता : [email protected]
पत्रव्यवहार का पता : श्रीमती भाग्यश्री सावंत, द्वारा ‘सनातन आश्रम’, २४/बी, रामनाथी, बांदिवडे, फोंडा, गोवा. पिन – ४०३४०१’
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?