
‘निश्चितरूप से वजन घटाने के लिए व्यायाम का लाभ होता है; परंतु व्यायाम का एकमात्र लाभ अथवा उद्देश्य यह नहीं है । नियमित व्यायाम से हृदय के स्वास्थ्य में सुधार आता है, मांसपेशियां तथा हड्डियां शक्तिशाली होती हैं, मन की स्थिति में सुधार आता है, मन का तनाव अल्प होता है तथा कुल मिलाकर स्वास्थ्य लाभ होता है । व्यायाम के कारण ऊर्जा बढती है, नींद अच्छी आती है, साथ ही हृदय-विकार एवं मधुमेह जैसी पुरानी बीमारियों का संकट अल्प होता है ।

व्यायाम एक समग्र स्वास्थ्यवर्धक क्रिया है । वह केवल वजन घटाने का साधन नहीं है । अतः हम सभी अपने शरीर एवं मन को स्वस्थ रखने में आनेवाली सभी बाधाएं दूर करने के लिए, नियमितरूप से व्यायाम करने का प्रयास करेंगे !’
– श्रीमती अक्षता रूपेश रेडकर, भौतिकोपचार विशेषज्ञ (फीजियोथेरपिस्ट), फोंडा, गोवा (११.८.२०२४)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?