हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त प्रभाकर पिंगळेजी ने मध्य प्रदेश की यात्रा की । इस यात्रा में उन्होंने भोपाल, उज्जैन एवं इंदौर के हिन्दुत्वनिष्ठों तथा मान्यवरों से भेंट की, साथ ही वहां की परिचर्चाओं को संबोधित किया । इस यात्रा का संक्षिप्त समाचार यहां दे रहे हैं ।

इंदौर (मध्य प्रदेश) में मातृशक्ति के लिए परिचर्चा का आयोजन

इंदौर (मध्य प्रदेश) – ‘कुमकुम लगाने तथा पारंपरिक पद्धति से जन्मदिवस मनाने जैसी प्रथाओं के पीछे आध्यात्मिक शास्त्र है; इसलिए आज की विवेकशील युवा पीढी को इन परंपराओं का वैज्ञानिक सारगर्भ समझाना आवश्यक है, जिससे हमारा दिव्य धर्मज्ञान आगे बढता रहेगा ।’, ऐसा मार्गदर्शन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने मातृशक्ति के लिए आयोजित परिचर्चा में किया । इस परिचर्चा का आयोजन भाजपा की शहरमंत्री अधिवक्त्री स्वाती काशिद ने किया था । इस अवसर पर सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी का भावपूर्ण सम्मान किया गया । इस समय साप्ताहिक सत्संग आयोजित करना सुनिश्चित किया गया ।

इस परिचर्चा के उपरांत सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी श्री नाथ संप्रदाय के प.पू. योगेश्वर सद्गुरु श्री शीलनाथ महाराजजी की पवित्र तपोभूमि गए तथा वहां उन्होंने हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए प्रार्थना की । इस अवसर पर अधिवक्त्री काशिद ने उन्हें इस तपोभूमि की आध्यात्मिक गुणविशेषताएं बताईं ।

स्थानीय बुद्धिजीवियों एवं सनदी लेखापालों का किया मार्गदर्शन 

इंदौर (मध्य प्रदेश) – यहां के सर्वसंपन्न नगर एवं वंदनानगर में बुद्धिजीवियों के लिए, साथ ही साईनाथ कॉलोनी में सनदी लेखापालों के लिए सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की परिचर्चा आयोजित की गई । इसमें उन्होंने कहा, ‘‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए हिन्दू समाज को स्वयं में धर्मबल एवं साधनाबल बढाना आवश्यक है । अपने क्षेत्रों के मंदिरों के माध्यम से धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक साधना के विषय में उद्बोधक उपक्रम एवं बालसंस्कार वर्ग इत्यादि उपक्रम चलाने चाहिए, जिनके द्वारा संबंधित क्षेत्र का हिन्दू समाज, धर्म एवं साधना बल से संगठित हो सकता है । यह ध्यान में रखते हुए हिन्दुओं को अपने-अपने क्षेत्र के मंदिरों के माध्यम से संगठित होना चाहिए ।’’

इस अवसर पर उपस्थित बुद्धिजीवियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी ने विस्तार से उत्तर देकर मार्गदर्शन किया । उन्होंने युवकों को हिन्दू संस्कृति एवं जीवन में धर्म का महत्त्व विशद किया, साथ ही भारतीय संस्कृति एवं विदेशी संस्कृति के मध्य का अंतर भी स्पष्ट किया ।


सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैय्याजी जोशी के साथ संवाद !

रा.स्व. संघ के श्री. भैय्याजी जोशी को ‘धर्मशिक्षा फलक’ ग्रंथ दिखाते सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी

‘कालायन-वैदिक घडी उपक्रम संकल्प’ के कार्यक्रम के उपलक्ष्य में सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी ने श्री. भैय्याजी जोशी के साथ सौहार्दपूर्ण संवाद किया । इस अवसर पर उन्होंने श्री. जोशी को ‘धर्मशिक्षा फलक’ ग्रंथ भेंट किया ।

 


‘सागर ग्रुप’ के अध्यक्ष श्री. सुधीर अगरवाल से की सद्भावना भेंट !

श्री. सुधीर अगरवाल को पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ तथा ग्रंथ भेंट करते सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी

भोपाल यात्रा के समय सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने ‘सागर ग्रुप’ के अध्यक्ष श्री. सुधीर अगरवाल से सद्भावना भेंट की । इस अवसर पर डॉ. पिंगळेजी ने समिति की ओर से युवकों के लिए किए जा रहे कार्य की उन्हें जानकारी दी ।

 

सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी का पत्रकारों से संवाद

इंदौर (मध्य प्रदेश) – ‘‘पत्रकार राष्ट्र एवं धर्म के ध्वजवाहक हैं, इसलिए समाज में भारतीय संस्कृति का अधिक से अधिक प्रचार करना, साथ ही भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए राष्ट्रजागृति करना उनका दायित्व है’’, ऐसा मार्गदर्शन सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी ने ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ की ओर से आयोजित वार्तालाप में किया । इस अवसर पर इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम एवं ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ने सद्गुरु डॉ. पिंगळेजी को भगवान श्रीराम का चित्र तथा ‘साहित्यग्राम’ पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया ।