बलात्कार पीडिता पर अन्याय करनेवाला गुवाहाटी उच्च न्यायालय का निर्णय !
सच में तो घृणास्पद अभियोगवाले अभियुक्त को प्रतिभू न मिले तथा उसे अधिक से अधिक कडा दंड मिले, इसके लिए शासन आगे आए और सर्वाेच्च न्यायालय में जाकर पीडिता के अधिकारों की रक्षा करे ।
सच में तो घृणास्पद अभियोगवाले अभियुक्त को प्रतिभू न मिले तथा उसे अधिक से अधिक कडा दंड मिले, इसके लिए शासन आगे आए और सर्वाेच्च न्यायालय में जाकर पीडिता के अधिकारों की रक्षा करे ।
जो धर्म व धर्मसंस्थापना के लिए कार्य करते हैं, उन्हें कष्ट सहने ही पडते हैं । प्रभु श्रीराम को भी वनवास हुआ, पांडवों को भी दु:ख भोगने पडे, तब भी उन्होंने धर्मसंस्थापना का कार्य पूर्ण किया ।
न्यायालय को आपसे यह क्यों कहना पड़ता है? सरकार को इसे स्वयं समझना चाहिए! हिंदू धर्म, देवताओं, शास्त्रों आदि को सम्मान दिलाने के लिए, भारत को एक ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है !
उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा का मामला
‘मंदिरों में गलत काम होते हैं’, ‘व्यवस्थापन अच्छा नहीं’, ऐसा कारण देकर उनका सरकारीकरण करने वाले शासनकर्ता गुटबाजी होने वाले चर्च का सरकारीकरण करते नहीं, यह ध्यान में लें !
पार्क में अतिक्रमण होने तक प्रशासन सो रहा था क्या ? ऐसे अतिक्रमणों को हटाने की मांग करने के लिए न्यायालय तक क्यों जाना पडता है ? प्रशासन यह क्यों नहीं करता ? प्रशासन के ऐसे कामचोर और निष्क्रिय कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए !
भारत को समय देना पाक के न्यायालय की बाध्यता है; लेकिन उन्हें भारत को भारतीय या विदेशी अधिवक्ता नियुक्त करने की अनुमति देना आवश्यक है, यह अनुमति पाक क्यों नही देता ?
देश में कोरोना से मृत होने वालों के परिवारों को ५० सहस्र रुपए देने का आदेश सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को दिया है । न्यायालय ने ३० दिनों में इस राशि का भुगतान करने के लिए कहा है ।
पाक के हिन्दुओं की रक्षा करने के विषय में भारत सरकार कब आगे आएगी ?
जनता सोचती है कि न्यायालय सरकार को आदेश दे, कि प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाएं और लोगों को हानि पहुंचाने के लिए उन्हें कठोर दंड दे !