पाकिस्तान में १२ जिहादी आतंकवादी संगठनों को आश्रय !
अमेरिकी संगठन को जो ज्ञात है, उसकी जानकारी संपूर्ण विश्व को और संयुक्त राष्ट्र को भी है…
अमेरिकी संगठन को जो ज्ञात है, उसकी जानकारी संपूर्ण विश्व को और संयुक्त राष्ट्र को भी है…
आतंकवादियों को प्रोत्साहन और सहायता करने का पाकिस्तान का इतिहास संयुक्त राष्ट्रों के सदस्य देशों को ज्ञात है । विशेषता यह है कि इसका पाकिस्तान की नीति में भी समावेश है ।
कोहट जनपद के धल बेजादी क्षेत्र में, पोलियो टीकाकरण दल की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल के एक पुलिसकर्मी की अज्ञात बंदूकधारी ने गोली मारकर हत्या कर दी ।
अफगानिस्तान में तालिबानी अर्थात जिहादी राज्य लागू हुआ है । वर्तमान काल में अफगानिस्तान का प्रत्येक घटनाक्रम भारत की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है; क्योंकि उसका सीधा परिणाम भारत पर होगा ।
तालिबान एक सुन्नी इस्लामी आंदोलन था । उसका आरंभ वर्ष १९९४ में दक्षिण अफगानिस्तान में हुआ । मूल अरबी शब्द ‘तालिब’ से ‘तालिबान’ शब्द बना है । ‘तालिब’ का अर्थ है ‘ज्ञान प्राप्त करने की अपेक्षा और इस्लामी कट्टरतावाद पर विश्वास रखनेवाला विद्यार्थी ।’
इस्लामिक स्टेट के १० सहस्र आतंकवादी रशिया में घुसपैठ करने की तैयारी में होने की जानकारी रशिया ने दी है । इन आतंकवादियों का तजाकिस्तान और उजबेकिस्तान देशों में घुसपैठ करने का षडयंत्र है, ऐसा कहा जा रहा है ।
इसे कहते हैं ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे !’
हिन्दुओं की संस्कृति और हिन्दुओं का साहस तोडने का आतंकियों का राजनीतिक लक्ष्य है । उन्हें भारत के मुलभूत आधार को ही खोखला बनाना है ; इसलिए, भारत को आतंकियों की मांगों के सामने कभी घुटने नहीं टेकने चाहिएं ।
कश्मीर में हो रहा जिहादी आतंकवाद नष्ट करने के लिए पाकिस्तान को नष्ट करें !
हिन्दुओं के धर्म गुरू और नेताओं द्वारा इसे जिहाद का विषय बोलने पर उन्हें धर्मविरोधी कहकर टिप्पणी करने वाले धर्मनिरपेक्षतावादी, आधुनिकतावादी अब चुप क्यों है ?